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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 91.pdf/५१३

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पत्र: एलिस वारली को

 

आप मुझे ऐसा बेवकूफ तो नहीं समझ रहे हैं न कि जो आपके पत्र में से टपकते प्रेम को समझ ही न पा रहा हो?

मोहनदास के वन्देमातरम्

मूल गुजराती (सी. डब्ल्यू. १११२०) से। सौजन्य: साराभाई फाउण्डेशन

६५१. पत्र: एलिस वारली को

३० जनवरी १९२८

प्रिय मित्र,[]

मुझे आपका पत्र पाकर प्रसन्नता हुई। आप सबसे मिलकर खुशी हुई। जब भी आपकी इच्छा हो, कृपया अवश्य आयें।

हृदय से आपका
मो. क. गांधी

कुमारी वारली
बैंटिंक हाई स्कूल
वेपेरी
मद्रास

मूल अंग्रेजी (सी. डब्ल्यू. १०७५८) से। सौजन्य: मारजोरी साइक

  1. एलिस वारली ने अन्तर्राष्ट्रीय बन्धुत्व संघ की परिषद की बैठक में भाग लिया था।
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