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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 91.pdf/५२५

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पत्र: छोटालाल मानसिंह को

 

इनके अतिरिक्त भी कई प्रश्नों के उत्तर तुमने जानने चाहे हैं, लेकिन इस समय मैं वह पत्र नहीं ढूंढ़ सकता। यदि तुम्हें याद हों तो तुम दुबारा पूछ सकती हो।

अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखो। मनु इन्तजार कर रही है इसलिए और अधिक नहीं लिखूंगा। रंगून से निमन्त्रण किसने भेजा है? ...[] चिन्ता मत करो, मुझे लिखती रहो।

बापू के आशीर्वाद

[पुनश्चः]

यहां अब बहुत से परिवर्तन हो गये हैं।

गुजराती की फोटो नकल (जी. एन. ८७८१) से

६७३. पत्र: छोटालाल मानसिंह को

आश्रम
ज्येष्ठ वदी ३, मंगलवार [५ जून, १९२८][]

भाई छोटालाल,

तुम्हारा पत्र मिला है। स्वर्गीय आचार्य भट्ट की आत्महत्या की 'नवजीवन' में चर्चा नहीं की जा सकती। प्रत्येक व्यक्ति अपने घर में उचित परिवर्तन करके हिन्दू समाज की पुनर्रचना कर सकता है।

मोहनदास गांधी

गुजराती की फोटो नकल (एस. एन. २७५८८) से

  1. मूल में स्पष्ट नहीं है।
  2. पत्र पर यहीं तारीख लिखी हुई है।
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