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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 91.pdf/५६८

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सम्पूर्ण गांधी वाड्मय

 

खादी-भण्डार के बारे में जो उसका उद्देश्य है उसको मत भूलीयेगा केवल वणिक वृत्ति से न चलना चाहीये। भण्डार को परमार्थिक दृष्टि से चलानी है।

मेरा स्वास्थ्य अच्छा है। आजकल मेरा खोराक १५ तोला बादाम का दूध, १४ तोला रोटी (भीगी) सब्जी, टमाटा कच्चा, अलसी का तेल ४ तोला, २ तोला आटे की रबड़ी प्रातःकाल में। यहां फल छोड़ दिये हैं। एक हफ्ते में १॥ रतल वजन बढ़ा है। शक्ति ठीक है।

आपका
मोहनदास

बापूकी प्रेम प्रसादी, पृ. ८६-८७

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