सामग्री पर जाएँ

पृष्ठ:साहित्यालोचन.pdf/१९

विकिस्रोत से
यह पृष्ठ अभी शोधित नहीं है।

तीसरा अध्याय साहित्य का विवेचन साहित्य और जातीयता-जातीय साहित्य-साहित्य और काल की प्रकृति-साहित्य का विकास-जातीय साहित्य का अध्यधार-साहित्य पर विदेशी प्रभाध-शैली और साहित्य- साहित्य-संबंधो शान .. पृष्ठ ४६ से १७ चौथा अध्याय कविता का विवेचन ऋविता और पद्य–कविता के लक्षण-कविता का स्वरूप- कषिता और वृस-कविता और थिक्षान-कवि-कल्पना में सन्यता-कविता और प्रकृति-कविता की व्यंजन शक्ति-- कवियों के महत्व का आदर्श-ऋविता के विभाग पृष्ठ ६८ से ११३ पाँचवाँ अध्याय गद्य-काव्य का विवेचन नाटक और उपन्यास-उपन्यास के सत्व-वस्तु-पात्र- वस्तु और पात्र कासंबंध-कथोपकथन-उपन्यास और रस- देश और काल-उद्देश्य-जीवन की व्याख्या-उपन्यास में सत्यता-वास्तविकता-उपन्यास में नीति आख्यायिका या कहानी-माण्यायका का रूप-आख्यायिका-रचना के सि- दांत-उद्देश्य या लवय-निबंध पृष्ठ ११व सं १६६