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पृष्ठ:साहित्यालोचन.pdf/२३१

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२१० साहित्यालोचन बिलकुल आरंभ में उन नाटकों में केवल पेनिहासिक, पोरा- शिक, सामाजिक अथवा राजकीय पुरुषों की हँसी उड़ाई जाती थी और पशुओं, पक्षियों आदि के स्वाँग भरे जाते थे। विशेषतः राजकीय अधिकारियों के नाम पर खूब गीत बनाए जाते थे और उनकी न दिल्लगी उढ़ाई जाती थी। पर आगे चलकर राज्य के द्वारा इन यानी को रोकने के लिये अनेक प्रतिबंध होने लगे। साधारणतः यूनानी मुम्बात नारकी कं, पनिहासिक सटि से. नीन युग माने जाते है । पहला प्राचीन युग जो ईसा से प्रायः ३० वर्ष पहले नक था: दुसरा मध्य युग जा उसके बाद से लेकर ईसा के ३२४ वर्ष पूर्व तक माना जाता है; और तीसरा नवीन युग जो उसके अनंतर आरंभ होता है। मध्य युग में ही याबीन युगपाली अलीलता और मापन वहुत कुछ कम हो गया था और नवीन युग में तो उसमें और भी कई नए सुधार हुए थे। नवीन युग में ओर अनेक प्रकार के सुधारों के साथ ही साथ म्यान नाटकों में श्रृंगार और प्रेमपूर्ण कथाओं का भी प्रयेश होने लगा। उस युग के प्रवर्तक पिलेमन और मेजेंडर आरि माने जाते हैं। थोड़े ही दिनों के उपरांत जब यूनानी मभ्यता का अंन आ रहा और रोमचाला ने यूनान पर विजय प्राण कर लो, नच यूनान को ओर ओर. अनेक यातों के साथ वहाँ की नाव-कटा भी राम चली गई और पीछे से वह यूनान से इटली और इटली से सार युरोप में फैली।