अनुक्रमणिका भंक (१ का मेद) २... अर्धाकार 310, १३। अंतकरण, पानाम्य विद्वानों के अलंकार कर और का अनुसार २०६: सापति ०५ अस्थिर ५३३; इसकी रचना इनिया २४५-001 ब सिद्धांत ५५५-५३, बौंदर्य- अंधियारस म्यास २५ विधायक सलंकार २६, दिली अग्निमित्र २००। कविता में मार 11 जनम मनीत २०६.०७. विवेचन और प्रसार-10 मध्यपन का नंग ४५ निर्माणकाष्ठ उनकाIR३२। में कम से ४५ अवधारणवामों में १२॥ अभयाय १३९-201 अमाम्ब स्वप वस्तु कामाग) २५२। अनुशास (शयाबा) ३१३-४ । मनपोष (नाटककार)...। अनुभव ३५ सम विषय ३२ । असुर मथ144. अनुभाष २९५, उसके प्रकार इंकार (त:कर लि) २०५१ अभिधा १२६-२७ भाध्यमा-भाषित २५५.४६॥ भभिमा-ति ५॥ भाषयान, दोषद 11३ वेडा में अभिनय 10..... 'नाटक'। माययान 111 WATOK 7481 भाभ्याथिका १५५९, उसका रूप अमानत २३५॥ १५९-५० उदेषम१९.१५:ख प्रयोमासिंह पाध्याय १९,11। की रचना के wिala६१-६ भविटारक १५. भावमाविमा २९ । करमणीयता । आत्मचिठन १०॥
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