3 . से मार १९६६ भाद या नोमारियों की विशेषापा मात का समय मन (भन्ताव की वृत्ति) २.५, मचलि (नाटका) । मन का परिवाढच १४३४ मन भाण. की तरंग र स्पाक्या, पाबाप भागिता (स्पस्पक) 011 विदो मुसाल २०६-007 भारतसौभाग्य २१२ संशयामक पुति २०६० भारतीय पर- मनोरमा दे. 'मनोबे भत्व २९१-३०१ मत्तःकरण के धर्म | मनोवृत्ति, मनुष्य की म; विभाग हैं ११५, इन्द्रिय अनित ९८५: २६ नया संमिमण २७ गुणात्मक २०६:शामक २८५, मनोग या माय २८६-८७ । २९५,२९६६ रागात्मक २९५ i मस्तिष्क की बनावट २०६ । भाष और सिप्तत्ति १९४: माय महाकाय १२, १३,1411 म २०३-८४ मिचारी भान ! RCORIZE२५३ ३०८-10,संचारी भाव २९६ चौविवेही मात्र २९३: महाभारत १८५, १९० । महावीर मामी 11 आय१०३.00,100 मावाभास : नया साभाघ १०८; भायों का माधुर्य गुप २३०, माधुयं गुण और श्रम ६१५: भावों का विनिमय रख ३३३; माय ली । ५१६ माजी प्रकार २४१.८६ | मानव व्यापार की अनुरक्ति ।।४। भावों की प्रधानता २९०माच्या मिष्टम १५ । २१५ ओणमा २८५श्री में मुशायरस २५६ । मावों की प्रौदत्ता ३२॥ ऋतिकला २,५,७,१, श्य। भास १९९ मेकलाका1411 भिखारीस . मैथ्यू भार ३१, १९॥ भूतक शास्त्र ३१. बांस (द) ३५.। मधुरा वृति। iपम (पादार) ३३१-३५ ।
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