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पृष्ठ:साहित्य का इतिहास-दर्शन.djvu/१३७

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साहित्य का इतिहास-दर्शन

कवियों के नाम व विषय १८ कोविद कवि

वे धरे अंग भुजंग के भूषण

कैधौं मित्र मित्र में बसाई है किरण

१६ कविराज कवि हृजे-न आतुर हू अबही

२० किशोर कवि arg wa afore नवेली रति रंग भरी लगी जब आश तब उतरचोौ अकाश ही ते

२१ कुशरूसिंह कवि erat a wet at alent Frat = Hut कंधों कली बेला की चमेली की चमक चोका शारदा की सेज कैँधों सुख की सहेली सोहै अरुण से अमल कमल की सी कोमलाई गाड़ परधो कैधों यह मदन मतंग मात्यो मोहर ज्यों मुक्‍्ता की युगल बिकारी दई

२२ wake wht ऐसे नैन मैन के न देखे ऐन सैन के चलत मरालन की महिमा घटावै गरब गुरज प॑ चढ़ाई तोप कोप करि गहिरी गुराई ते प्रथम चूमि चामीकर

२३ क्रृष्णछाल कवि केशरि को कंचन ने कंचन को चम्पक ने

२४ काम्रताप्रसाद कवि कुन्दन से भलके खलक बदकरे आनन अनूप छबि छलकी छटा सी होत

२५ गिरधर कवि रजोगुण रंगवारी जावक सुरंगवारी कड्ज की कली से उपमा हुं भली के

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