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साहित्य का इतिहास-दर्शन
कवियों के नाम व विषय ३४ गदाधर कवि राधिका के चरण बिराजें चारु माणिक से
३५ गोकुरूचन्द कवि
रंगभरे बहु बिद्रुम के बिच
३६ घासीराम कवि
सुख की नदी में कैधों परत गँभीर भौर
कारे कजरारे सठकारे घूँघवारे प्यारे
३७ Bate कवि शोभा सुमेरु की संधितदी अंगुरीन लौ जाइ भुलाइतही अंजनतोरही ताको करैनित जिनही बरुणीन सों बांध्यो हियो
३८ घनश्याय कवि बैठी चढ़ि चांदनी में चन्द्रमा विलोकन को
३६ चंदन कवि सिहनी की करिहांतें छीन कंजनाल करचो
४० चिन्तामणि कवि प्यारी के पगन पाई एती अरुणाई सार घनसार ले केसर कनकचूर सुन्दर बरण राधे शोभा को सदन तेरो सोहत है चिन्तामणि नगनजटित दिब्य अंधकारमध्य मुनि मैन की गुफा है कैधों चितामणि चौकी श्याम मणि के मयूषन की चामीकर जूहचम्प चांदी को चलन कहा चैत चांदनीके कैधों चन्द अवलोकन ते बालपन दूरि करि बालतन मध्य आइ बारन की रचना रखी है प्राणप्यारी एरी यौवन महीपति को सेवक मदन तोहि जाको लय सारदेश करत है गधबध केधों द्विजराजी द्विजराज जूकों सेवत है
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