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पृष्ठ:साहित्य का इतिहास-दर्शन.djvu/१४३

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साहित्य को इतिहांस-दन कवियों के नाम व विषय ye देवमणि कवि

जग मगे यौवन जराऊ तरवन कान wa WAT WE लहके समूल अंग

५२ वयादेव कवि केसरिको रंग अंग संग में न जान्यो जात

५३ दयानिधि कवि कोमल अमल कोश कमला FIT ah सुथरें सवाँरे बार सेंदुर सों मांगभरे

५४ वयालकवि

गोरेगात गेंदसे गसे हें गदकारे गोल ५५ atte कवि

धारे लालसारी प्यारी हीरन किनारीवारी ५६ areata

अलकपे अलिवृन्द भालपै अरधचनद्र

कंजसे सम्पुट है पेखरे

कंज सकोच गडे रहँ कचिनि दासप्रदीप शिखा उलटीकि

दास मनोहर आनन बाल को दास लला नवला छवि देखिके

yo दत्तकवि क॑चुकीमौँह कसे उकसे परे साँवरे रसिकरसवश विपरीत रची arate fet aft at arate बिरची बिरंचि रूपराशि कैसी हीरन के भुक्तान के भूषण

५८ दिनेश कवि गोरी गोरी आँगुरीन ऊपर अनूप छवि चरण कमल कर हाटक की शोभा देत मोहन के मन के अवलम्ब ये आली लखि मुखरुख सुखही के सुखमा सरोवर सों

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