१३६ साहित्य का इतिहास-दर्शन
कवियों के नाम व विषय पृष्ठ पंक्ति नम्बर' ८५ बेनीकवि कैधौं ये त्रिगुण रूप कनक की पाटी लिख्यो ८६ & R (टोटल १) ८६ बेनी प्रवीण कवि छहरति छबि क्षिति छोरन लों छूटि छठा ३० RR ७ कंकण करन कल किकिणी कलित कटि २२६ % २६ चुनी से चरण चाँदनी में थि (वि)लकत २३४ & ६० (टोटल ३) ८७ ब्रजचंद कवि रंजक दीठि के भार लहे RR श्र ev (टोटल १) ८८ बिजय कवि लखिके दृग मीन दुरे जल में RR रैष Re हक (टोटल १) se बिदुबकवि : कुन्ती पांचाली दमयन्ती तारा शकुन्तला २२६ श्र २७ (टोटल १) ६० बलदेव कवि सुमन निकेत लाल जावक समेत % ० १६ सुधा के समुद्र की लहर सी कढ़त रहै ११६ SRR (elem 2) ६१ बलल्लभरसिक कवि फूले हैँ न रद सरोज इहिं समय कहूँ २५७ ५. १५५ (टोटल १) ६२ बलभव्र कवि कैधों मन बेधन बनाय मैन बिधता है RY 3 3 कीधों बैस बोलिबे को बेलन बनाय विधि २० ev 3 कैधों उदयाचल उदोत राका योवन को ae श्र ३ eat frag के पयान सामियाने ताने ६७ १५ १ कैधों अनुराग राग राजस को रूप निज १०७. १० १ कैधों कुन्दकलिका की अवली अनूप ११० ७ ५ कमल बदन मध्य कमला के काज छवि ११४ २ १ कंधों द्विजराजन की तपस्या को तेज ये है १२१ १० भर eat fart qe दर्पण को भाजन है १३० ¥ १ कनक वरण कोकनद के वरण अरू १३१ २१ डरे कीधों क्षितिमंडल कुबेनी देखि तारागण १७६. २२ १ कामके केदारन की आयसकी कीन््ही वारि RGR १६ 5 कंचन के wre परि खंजन तलक कीधों 85 १६ १