१३५ साहित्य का इतिहास-दह्ात
कवियों के नाम व विषय पृष्ठ पंक्ति नम्बर ६३ भंजन कवि कोऊ कहूँ है कलंक कोऊ कहे सिन्धु पंक ay 5 ¥ सूर मैन हीन होत उगत नवीन है के Re १६ श्र (ठोटल २) ६४ भोज कवि आबदार अजब अनोखी अतियारी १५६ ५ FY (ठोटल १) ६५ भूषति कवि मीन है कमीने परे पानी में निहारे हारि १६६ १४ ६० (टोटल १) ६६ भूधर कवि योवन उज्यारी प्यारी बैठी रंग राबवदी में २३७ ११ ७२ (टोटल १) ६७ भगवंत कवि रैनी की उनींदी राधे सोवत सकारे भये २१५ १६ १४ (clea १) ts whe कवि नखन बिलोकतही नखन व्यतीत wat २६१ १: और (टोटल १) ६६ भरमी कवि अरुण कमल पग पाँखुरी की पांति लसे ९8 २१ १ आरसी fara cea ay dards self 5g 3 १ सुन्दर सुरंग गोल शोभाकर पल्लवकि परे ११ ३ प्रीतमको मनतेरे हाथन लग्योई रहे ७३ & 4 पारद के गूटिका सवाँरे काम सिद्धजूने ५६ २४ ४३ रूप रस आसनकी कामके सिंहासन है RR g ¥ कोमल बिसल काम भूपकी सुरंग भूमि ३६ १७ कोकनद कली जैसे खिलत बयारि लागे १२१ ¥ ¥ गूढ़ गुण ग्रंथके प्रकाशकी करनहारि ११५. १४ ७ मोतिनसों भरी मांग शीहफूल टीको दिये २५३ १ १३८५ (टोटल १० ) १०० भधुपति कवि देखो शुभबाला पद सुन्दर विशाला y 2 १६ (टोटल १) १०१ सनीराम कवि राधे के चरण युग अरुण अरुणरूप ७ १६ २७ वह चितवन वह सुन्दर कपोल द्युति १५६ ४. १५६
(टोटल २)