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पृष्ठ:साहित्य का इतिहास-दर्शन.djvu/१५३

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१४० साहित्य का इतिहास-वर्शन

कवियों के नाम व विषय पृष्ठ पंक्ति नम्बर ११३ मोहन कवि शीतला के दाग साधि शुभलगन मुहरत १०५ ११ १

(टोटल १)

११४ सकरन्‍्द कवि घनकी घटासी नील कंचुकी चहकि रही डेप & g काजरसी रोगी रैन कारी सारी अंग ऐन २२६ ३ रद (टोटल २) ११४ सतिजू कवि कारे कजरारे दोऊ काजरसों लाल डोरे १६७ RvR (ठोटल १) ११६ सतिराम कवि गहि हाथसों हाथ सहेली के १२३ S १३ कुन्दनको रँग फीको लगे RRs » ¥ चरण धरे न भूमि विहर जहाँही तहाँ २३० ३ ¥R इवेत सारी सोहत उज्यारी मुखचन्द कैसी We % १०० सारी जरतारीकी फलक भलकत तैसी Bey % १०४ (ztew ¥) ११७ मुवारक कवि ast at aft war st ७६ 3 श्र पानिय के पानिय सुघर ताईके सदन १६३ ५. ३२ चंचल चोखे से चीकने से चठकारे से १७१ १६ ६६ चार कैसो अज्भ लज्भ लचकत कुच भार शं१० हर. ४५ जालकी चूनरी चीकनो गात - २४० BY लांबे लहकारे सटकारे सुकुमारे कारे २१० ११ १७ (ठोटल ६) ११८ सदनगुपाल कवि हारी हार भार उर भार त्यों उरोजभार ३१ & १ (ढोठल १) ११६ मनिकंठ कवि agar afer पतिहुकी ललचात अति श्र gx ६ रूप अनूप बनी सखी आजु XS १६ ३७ कंधों यह परम अनूप रूप सरिताको aR १३ १ कंधों अरविन्द मकरन्द रस पानमाते १३१ १५ R के मधुपावली मंजुलसे ११३ ¥ 3 अमल अनंग के अनन्दकी उदित भूमि* २२१ २० 5 अमल कसल पर गुंजत भँवर युग sR ११ १ अमल अरुण अरदिन्द विम्ब भाभा देत १९४. २१ र्‌