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पृष्ठ:साहित्य का इतिहास-दर्शन.djvu/१५७

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साहित्य का इतिहास-दर्शन कवियों के नाम व विषय बदनकलानिधिको परम प्रकाशमान बाला बार छोरक निवारत है बार बार gre fered feet सोहत सुधाकों कुण्ड पूरत पियूष यों प्रकाशत प्रकाश पूंज प्रीतम की प्रगट प्रतीत प्रीति पूरीभरी पतिब्नता के मंजु मन्दिर मजाक Fret प्रीतम प्रबीण के खिलौना है अनोखे किधौ अंग गोरे गोरे भांति देखि भिलिमिली कांति अमित लजीलो शील सुमति सजीली आईहीौं देखि सराहे न जात है अतर फुलेल मेल हेम ककइसों ओंछ आवतिहो देखे आज बलि गई चलि देखो आजु एक ललना अन्‍न्हात में निहारी लाल गवनि गयंद गूजरेटी गुरु गुतन की भूमि भूमि आये घूमि घने घनश्याम आली राजत रँंगीली रंग भौन रसमाती तहाँ* रसभरे जसभर कहै कबि रघुनाथ रात पिय चांदनी बिलोकिबे को रनिवास राजत रंगीली रंग भौन रसमाती तहां* रूप अनूप लख्यो कितनों चोटी देख संपा लजे चंपा अंगरंगदेख चन्दसों आनन चांदनी सो पट चंचल बिशाल मीन खंजन मृगाते बेश चन्दमुखी चपला स्री लली लखि फटिक शछिलार्मों नीलमणि इक मुद्रित है खंजन चकोरमीन मृगशिशु सारमयो तेरे युग्म नैनन की बरुणीयों बनीथनी

११२ ote कवि कंधों मुख कमल चली है अलिमाल मिलि ae qa में अनन्द छबि छलकत

१३३ हालसमन कवि Sa cease a ger Fart आनंद के मंदिर में कैधौ रुचिमाणिक की शिव शिर गंग जैसे जल की तरंग जैसे

पृष्ठ पंक्ति

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