५७४९ साहित्य का इतिहास-दर्शन [१०३] कलानिधि कवि स०, १८५०७ वि०, नखशिख ।
[१०४] कलानिधि कवि २
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8०, प्राचीन, १६७२ वि० । [१०५] कुलपति मिश्र स०, १७१४ वि०; कि०, १७२७ वि० में रसरहस्य की रचना । [१०६] BRAT KAT To, १७५६ वि०; कि०, १७१७ वि० रचनाकाल । [१०७] केहरी कवि स०, १६१० वि०। [१०५ ] कूृष्णसिह बिसेन स॑०, राजा भिनगे, बहराइच, १६०६ वि०। [१०६] कालिका कवि स०, बंदीजन, काशीवासी । [११०] काशीराज कवि ao, श्री महान कुमार बलवान सिंहजू काशी-नरेश चेतर्सिह महाराज के पुत्र, १८७६ वि०, चित्रचंद्रिका । [१११] कोविद ओो पं० उमापति त्रिपाठी स०, अयोध्यानिवासी, १६३२ वि०, दोहावली, रत्नावली | [११२] कृपारास कवि स०, जयपुरनिवासी १७७२ वि०; ग्रि०, १७२० ई० में उपस्थित; ज्यौतिष-सम्बन्धी एक ग्रंथ समयबोध” (समय ओघ ? ) भाषा में लिखा; कि०, ग्रंथ का नाम समयवोध' ही है, जिसकी रचना १७७२ वि० में हुई थी । [११३] BINA २ स०, ब्राह्मण, नरैनपुर, जिला गोंडा ।