१६० साहित्य का इतिहास-द्शन
[ ३४७ J द्विजचन्द कवि स०, १७५५ वि० । [ 3¥5 ] दिलदार कवि स०, १६५० वि०; कि०, १७५० वि० के पूर्व उपस्थित । [ ३४६ ] द्विजराम कवि [३५० ] दिलाराम कवि [ ३५१] दिनेश कवि स०, नखशिख; ग्रि०, टिक्रारी, जिला गया के, १८०७ ई० में उपस्थित, रस-रहस्थ; कि०, रस-रहस्य का रचनाकाल १८८३ वि०, काव्य कदंब की रचना १८६१ वि० में ।
T 24] ataaars fife स०, बनारसी, १६१२ वि०, अन्योक्तिकल्पद्रुम, अनुरागवाग, वाग बहार; कि० बाग- बहार” नामक ग्रंथ नहीं लिखा । [३५३ ] दीतानाथ कवि स०, बुं#तखंडी, १९११ वि०; कि०, अस्तित्व संदिग्ध, है भी तो १८५४ ई० (१६११ वि०) जन्मकराल न होकर उपस्पिति-काल । [३५४] वुर्गाकवि
[३५५] दुलह त्रिबेदी स०, बनपुरावाले कवीन्द्र जी के पुत्र, १८०३ वि०, कविकुलकंठाभरण । [ ३५६ ] देव कवि स०, दवदत्त, ब्राह्मण, समान गाँव, जिला मैनपुरी के, १६६१ वि०, प्रेम तरज्ज, भाव- विलास, रस-विलास, रसानन्द लहरा, सुजान-विनोद, काव्य रसायनर्पिंगल, अष्टयाम, देवमाया- प्रपंचनाटक, प्रमदीपिका, सुमिलविनोद, राधिक्रा-विलास; कि०, जन्म १७३० वि०, १७४६ वि० में भाव-विलास की रचना, जन्म--इटावा, घोसरिहा में । [३५७] - देव २ स०, काष्ठजिद्ला स्वामी, काशीस्थ, ग्रि०, १८५५० ई० के लगभग उपस्थित ।
स०, १८६० वबि० ।