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पृष्ठ:साहित्य का इतिहास-दर्शन.djvu/२२५

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२१४ साहित्य का इतिहास-दर्शन

[६४१] सनभावन स०, ब्राह्मण, मुंडिया, जिला शाहजहाँपुर, १८३० वि०, श्वृंगार-रत्नावली । [६४२ ] मनियारासह स०, क्षत्रिय, काशीनिवासी, १८६१ वि०, हनुमत्‌ छब्बीसी, भाषा सौन्दर्य्य-लहरी; कि०, सं० १८४६ वि० में महिम्नकवित्त' की रचना । [ ६४३ ] सधसूदन कवि स०, १६६९१ वि०; कि०, अस्तित्वहीन' । [६४४ ] सधसूदन दास स०, माथुर ब्राह्मण, इष्टकापुरी के, १८३६ वि०, रामाइवमेध । [६४५] मनी राम कवि स०, मिश्र, कन्नौजवाले, १८३६ वि०, छंदछप्पती । [६४६ ] सनोराय कवि [ ६४७] सदनगोपाल शुक्ल स०, फतूहाबादवाले, १८७६ वि०, अर्जुनविलास, वैद्यरत्न । [ ६४८] मदनगोपाल २ [ ६४६] सदनगोपाल कवि हे स०, चरखारीवाले । [६५० ] सदनमोहन कवि स०, चरखारीवाले, बंदेलखंडी ३, १८८२ वि०; ग्रि०, जन्म १८२३ Fo । ह [ ६५१] मनोहर कवि स०, राजा मनोहरदास कछवाहा, १५६२ वि०; ग्रि०, १५७७ ई० में उपस्थित । [६५२ ] सनोहर २ स०, काशीराम, रिसालदार, भरतपुरवाले, मनोहरशतक । [६५३]

मनोहर कवि ३

Ho, Jone Fre |