अध्याय १३ २२६.
[७७५ ] लालमुकुन्द कवि [७७६ ] लालचन्द कवि स०, १७४४ वि०। [eve ] लालनदास स०, ब्राह्मण, डलमऊवाले, १६५२ वि०; कि०, १५८५, १५८७ या १५६५ वि० । [७७८ ] लालपाठक कवि स०, रुकरुमनगरवाले, १८३१ वि०, शालिहोत्र । [७७६ ] लोनेकवि स०, बन्दीजन, बुन्देलखंडी, १८७६ वि० । [७८० ] लोने सिह wo, बाछिल मितौली, जिला खीरीवाले, १८६२ वि०, भागवत दणमस्कन्धभाषा । [७८१ ] लीलाधर कवि Ho, १६१५ वि०; प्रि०, १६२० ई० में उपस्थित । [ear] लक्ष्मणदास कवि [७८३] लक्ष्मण सिह To १८१० वि० ॥ [७८४] लच्छू कवि qo, १८२८ वि० । [७८५ ] लछिराम कवि स०, होलपुर के बन्दीजन; ग्रि०, होलपुर जिला बाराबँकी के भाट और कवि, १८८३ ई० में जीवित, शिवर्सिह सरोज के रचयिता' के नाम पर नायिकाभेद का एक ग्रंथ रचा । [७८६ ] afer कवि २ [ ७८७ ] लक्ष्मणशरणदास कि०, “इस कवि का अस्तित्व ही नहीं है, सरोज में उद्धुत पद में दास सरन लछिमन सुत भूप' का अर्थ है--यह दास लछिमन सुत अर्थात्, वल््लभाचाय की शरण में है ।”