अध्याय १३ २३७ कि०, “सबर्लासह का रचनाकाल सं० १७१२ वि० से १७८१ वि० तक है, षट्ऋतु और भाषा- ऋतुसंहार दोनों एक ही ग्रंथ है, ग्रियर्सन का दोनों सबल सिहों के अभिन्न होने का अनुमान ठीक है ।" [ ८८२] शेखर कवि ग्रि०, शृंगारी कवि; कि०, इनका पूरा नाम चंद्रशेखर वाजपेयी, ज० १८५५ वि०, मृ० १९३२ वि० । [ ८८३] शशिशखर कवि स०, १७०५ वि०; ग्रि० ज० १६४२ ई० । [ ८८४] सोमनाथ कवि (? स०, १८८० वि० ग्र०, भोग, साँड़ी, जिला हरदोई के ज० ( ? उपस्थिति ) १७४६ ई०; सूदन शिवसिंह द्वारा कि०, इनका विवरण निम्नांकित 1 ब्रह्मणनाथ (सं० ४४३ ) के प्रसंग में उल्लिखित ; शब्दों में नाथ उपनाम, साँडोवाले । सं० १८०३ में उ० और कवि ब्रह्मगनाथ की कल्पना कर ली है जति के ब्रह्मण है ओर इनका उपनाम नाथ है कवि नहीं हुआ । यह साँड़ी के रहनेवाले थे सरोज में दिया गया है, "सोमनाथ ब्रह्मण, । इस एक कवि सोमनाथ से ही ग्रियसन ने एक । ब्रह्मण के बाद अर्द्ध-विराम है । सोमनाथ । ब्राह्मणनाथ ( ग्रियर्सन ४४३) नाम का कोई साँड़ी के पहले भोग न जाने कहाँ से लग । गया । संभवतः 'उपनाम' का अर्थ किसी पंडित ने 'भोग' बता दिया होगा अथवा सरोज के दूसरे संस्करण में उपनाम के स्थान पर 'भोग' ही छपा रहा होगा और इसे ग्रियर्सन ने साँड़ी के साथ जोड़ लिया । विनोद के अनुसार ( ८३६ ) सं० १८०६ वि० इनका रचनाकाल है, अतः सं० १८०३ वि० इनका उपस्थिति-काल है, न कि जन्मकाल ।” [८८५]. शशिनाथ कवि · ग्रि०, ससिनाथ कवि-श्रृंगारी कवि कि०, प्रसिद्ध सोमनाथ चतुर्वेदी, रचनाकाल सं० १७९४ - १८१२ वि० । [ ८८६ ] सहीराम कवि स० १७०८ वि०; ग्रि०, जन्म १६५९ ई० । [ ८८७] सदानन्द कवि स०, १६८० वि० नि०, जन्म १६२३ ई० । , [555] सकल कवि स०, १६६० वि०; ग्रि०, जन्म १६३३ ई० ।
पृष्ठ:साहित्य का इतिहास-दर्शन.djvu/२४८
दिखावट