पृष्ठ:सिद्धांत और अध्ययन.djvu/२३३

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काव्य का कलापक्ष-व्युत्पत्ति शैली शब्द का सम्बन्ध शील से है जिसका अर्थ स्वभाव है। किसी काम के किसी विशेष प्रकार से करने की पद्धति को शैली कहते है। शैली लिखने, पढ़ने, खुदाई, गाने, बजाने सभी चीज की हो सकती .. व्युत्पत्ति है। मनुस्मृति (१।४) पर कुल्लक भट्ट की टीका में शैली शब्द प्रणाली या पद्धति के अर्थ में आया है- 'प्रायेण प्राचार्याणामियं शैली यसामान्येनाभिधाय विशेषेण विवृणोति' । अब यह शब्द कुछ-कुछ लिखने के ढंग में विशिष्ट हो गया है। ____ अंग्रेजी का 'Style' शब्द लैटिन भाषा के 'Stylus' शब्द से, जिसका अर्थ कलम है, बना है। चित्रकारी में शैली को प्रायः 'कलम' ही कहते हैं, जैसे राजपूती कलम, काश्मीरी कलम । 'स्टाइल' एक लोहे की कलम होती थी जिससे कि मोम की पट्टिकाओं पर शब्द अङ्कित किये जाते थे। 'कलम' का अर्थ लक्षणा द्वारा लेखन-शैली होगया । 'कलम' का सम्बन्ध व्यक्ति या लेखक से होने के कारण उसमें वैयक्तिकता कुछ अधिक है । शैली शब्द का तो अर्थ कुछ संकुचित हुआ और 'Style' का अर्थ कुछ व्यापक बना, अब दोनों शब्द प्रायः पर्यायरूप से व्यवहृत होते हैं । संस्कृत शब्द रीति शैली और स्टाइल (Style) दोनों से अधिक व्यापक है । यह 'रीङ्' धातु से जिसका अर्थ गति है, बना है। शैली शब्द के दो तीन अर्थ हैं- एक तो वह अर्थ है जिसमें कि यह कहा जाता है कि 'शैली ही मनुष्य है' (Style is the man), यहाँ इस अर्थ में शैली अभिव्यक्ति का वैयक्तिक प्रकार है। दूसरे अर्थ में शैली अभिव्यक्ति के सामान्य प्रकारों को कहते हैं । भारतीय समीक्षा-शास्त्र की रीतियाँ इसी. अर्थ में शैलियाँ हैं । तीसरे अर्थ में शैली वर्णन की · उत्तमता को कहते हैं। जब हम किसी रचना के सम्बन्ध में कहते हैं 'यह है शैली' अथवा किसी की विगर्हणा करते हुए कहते हैं कि 'यह क्या शैली है' या 'वे क्या जाने कि शैली क्या है' तब हम उसको इसी अर्थ में प्रयुक्त कहते हैं । यद्यपि शैली से निजीपन और व्यापकत्व अर्थात् शैली की जातियां दोनों ही धोतित होते हैं तथापि दोनों ही छोरों की सीमाएँ हैं । शैली में न तो इतना निजीपन हो कि वह सनक की हद तक पहुँच जाय और न इतनी सामा- न्यता हो कि वह नीरस और निर्जीव हो जाय । शैली अभिव्यक्ति के उन गुणों को कहते हैं जिन्हें लेखक. या कवि अपने मन के प्रभाव को समान रूप में दूसरों तक पहुँचाने के लिए अपनाता है। अच्छी शैली में व्यक्तित्व और निर्व्यक्तित्व का समिश्रण वाञ्छनीय है। कलाकार चाहे जितना उद्योग करे वह