यह पृष्ठ जाँच लिया गया है।
(३९४)
( गुणवाचक )---
| शिव—शैव | विष्णु—वैष्णव | चंद्र—चांद्र (मास, वर्ष) |
| मनु—मानव | पृथिवी—पार्थिव | व्याकरण—वैयाकरण |
लिग
| (जाननेवाला) | निशा—नैश | सूर—सौर |
(भाववाचक)‐
इस अर्थ में यह प्रत्यय बहुधा अकारात, इकारांत और उकारांत शब्दों में लगता है।
| कुशल—कौशल | पुरुष—पौरुष | मुनि—मौन |
| शुचि—शौच | लघु—लाघव | गुरु—गौरव |
युवन्—यौवन
अंक (उसको जाननेवाला)—
मीमांसा—मीमांसक, शिक्षा-शिक्षक।
आमह (उसका पिता)—
पितृ—पितामह, मातृ—मातामह।
इ (उसका पुत्र)—
दशरथ—दाशरथि (राम), मरुतु—मारुति (हनुमान्)।
इक (उसके जाननेवाला)—
| तर्क—तार्किक, | अलंकार—आलंकारिक, | न्याय—नैयायिक, |
| वेद—वैदिक। |
(गुणवाचक)—
| वर्ष—वार्षिक | मास—मासिक |
| दिन—दैनिक | लोक—लौकिक |
| इतिहास—ऐतिहासिक | धर्म—धार्मिक |
| सेना—सैनिक | नौ—नाविक |
| मनस—मानसिक | पुराण—पौराणिक |