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पृष्ठ:हिंदी व्याकरण.pdf/६७५

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कर्तृवाचक संज्ञा—चलनहार

वर्त्तमानकालिक कृदंत—चलत, चलतु

भूतकालिक कृदंत—चल्यौ

पूर्वकालिक कृदंत—चलि, चलिकै

तात्कालिक कृदंत—चलतही

अपूर्ण क्रियाद्योतक कृदंत—चलत, चलतु

पूर्ण क्रियाद्योतक कृदंत—चले

संभाव्य-भविष्यत् (अथवा सामान्य-वर्त्तमान)।
कर्त्ता—पुल्लिंग वा स्त्रीलिंग।

⁠पुरुष एकवचन पुरुष चहुवचन
⁠१ चलौं, चलऊँ १—३ चलें, चलहिं
⁠२ चलै, चलसि २ चलौ, चलहु
⁠३ चलै, चलइ, चलहि

विधिकाल (प्रत्यक्ष)।
कर्त्ता—पुल्लिंग वा स्त्रीलिंग।

⁠१ चलौं, चलऊँ १—३ चलैं, चलहि
⁠२ चल, चले, चलही २ चलौ, चलहु

विधिकाल (परोक्ष)।
कर्त्ता—पुल्लिंग वा स्त्रीलिंग।

⁠२ चलियो चलियो
  ⁠आदरसूचक विधि
⁠२—३ चलिये २—३ चलिये

सामान्य-भविष्यत्।
कर्त्ता—पुल्लिंग वा स्त्रीलिंग।

⁠१ चलिहौं १—३ चलिहैं