पृष्ठ:हिन्दी भाषा की उत्पत्ति.djvu/४१

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हिन्दी भाषा की उत्पत्ति।
मध्यवर्ती शाखा


(घ)माध्यमिक उपशाखा
१०पूर्वी हिन्दी



२२,१३६,३५८


२२,१३६,३५८

भीतरी शाखा


(ङ)पश्चिमी उपशाखा
११पश्चिमी हिन्दी
१२राजस्थानी
१३गुजराती
१४पञ्जाबी
(च)उत्तरी उपशाखा
१५पश्चिमी पहाड़ी
१६मध्यवर्ती पहाड़ी
१७पूर्वी पहाड़ी



४०,७१४,९२५
१०,९१७,७१२
९,९२८,५०१
१७,०७०,९६१

१,७१०,०२९
१,२७०,९३१

१४३,७२१


७८,६३२,०९९




३,१२४,६८१




२१९,७२५,५०९

इससे मालूम हुआ कि संस्कृतोत्पन्न आर्य्य-भाषायें तीन शाखाओं, छ: उपशाखाओं और सत्रह भाषाओं में विभक्त हैं और २१ करोड़ से भी अधिक आदमी उन्हें बोलते हैं। इस देश की आबादी २९४,३६१,०६६ अर्थात् कोई तीस करोड़ के लगभग है। उनमें से इक्कीस करोड़ आदमी ये भाषायें बोलते हैं, साढ़े पाँच करोड़ द्राविड़-भाषायें और शेष तीन करोड़ अनार्य्य विदेशी भाषायें। तामील, तैलगू, कनारी आदि द्राविड़-भाषायें मदरास प्रान्त में बोली जाती हैं। उनकी उत्पत्ति संस्कृत से