पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष एकविंश भाग.djvu/१७५

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. वायविज्ञान १५७ एक घोटे पासि लेन वरतन पर एक टुकड़ा फस्फोरस आविष्कारका विवरण प्रकाशित कर दिया है। मिष्टली, रत्र कर एक जलपूर्ण चौडे पात्र पर रखिये। इसके शिले, लामोयाजीय आदि पण्डितोंने इस घातकी मालो. बाद ममान रूपमे छः भागों में विभक्त दोनों ओर खुले | चन. को है, कि किस तरह वायुसे अक्सिजन और मुहको बोतलके आकारका एक कांचका वरतन उक्त | नाइट्रोजन पृथक किया जाता है। रसायन विज्ञानमें पास लेन पात्रको ढांकते हुए इस तरहसे रखना चाहिये, | मूलपदार्थो का जो संक्षिप्तचिड है, उसमें अक्सिजन कि पात्रका एक मश ही जलमें हूवा रहे। पात्र पर जो अङ्ग्रेजी 0 अक्षरसे चिहित है, यह एक मूलपदार्थ है, पक काग लगा रहेगा, इसके नीचे पीतलाकी सांकल इस इसका पारमाणयिक गुरुत्य-१६ है । वायुके साधा. तरहसे लटकती रहेगो, कि उसके दूमरे छोर पर फस्: रण तापमें ( Temperature ) और दवाव, अपिसजन फोरसको छूमके। फाग निकाल कर पीतलको सांकल | चापावस्थामें अग्रस्थान करता है। दोपफे प्रकाशीमें गर्म कर इसके द्वारा फसफसफे . . अक्सिजनका नामकरण। टुकड़े से छुआ देना चाहिये और काग मजबूतोसे बन्द | हमने पहले ही कहा है, कि साक्टर मिष्टलोने इसको कर देने पर गर्म सांकलके स्पर्शसे फस्फोरस जल उठेगा | डिफजिप्टिकेटेड एयर ( Dephlogesticated air) कहा और कार्यका पात्र सदा धूप से भर जायेगा जब बरतन | था। डाक्टर गिलेने ( : cheel ) पम्पिरियल एयर (Im. ठएडा दोगा तब आप देखेंगे, कि जल ऊपर मढ़ कर घर- | pyreal air ) कहा था । सुविख्यात कएटरसेटफ मत- तनके द्वितीयांश पर अधिकार किये हुए है और अग्तके | से इसका नाम मिटल पयर या प्राणयाय. होना चाहिये। चार मश खाली पड़े है। लाभोयाजोय हो इसके इस पर्तमान नामके माथि. फस्फोरस पास स्थित घायुका आध भाग अक्सिजनके | फर्ता है। हमारे शाई धरके मतसे इसका नाम होना साथ मिलनेसे जो मादा धूप के आकारका एक पदार्थ चाहिये यिष्णुपदामृत अवरपीयूप। उत्पन्न होता है, वह फसफोरस दामाद ( Phos. अक्सिजन उत्पादन प्रणालो। phoras Trioxide p. 20) नामसे अभिहित होता है । यह . अक्सिजन गैस उत्पादन-प्रणालोके सम्बन्ध में पहले जल में गलनेपाला है अतएव थोड़ी ही देर में परतनमें रखे दो-एक प्रणालियों का दिग्दर्शन कराया गया है। पेशा- अलफे साथ मिल फस्फरस् एसिहरूपमें अयस्थान निक को प्रणालियोंसे अक्सिजन उत्पन्न करते हैं। (१) करता है। जो मदनप पाप है, यह बरतन के चार अंशों मेडोनिजमाइ-अक्साइट नामक पदार्थको उत्तप्त करते पर अधिकार कर लेता है। परीक्षा करने पर यह मार. प्रोजन मालूम हो सकता है। करते जब यह लाल हो जाता है तब उससे ट्राइमेनिश इसी परीक्षासे यह मो प्रमाणित होता है, कि ४ | ट्रेषता और अक्सिजन याप्प उत्पन्न होते हैं। मायतन (Volume) मास्ट्रोजन और एक मायतन ' (२) साधारण लोरेट आप पोराससे हो भनेक अषिमजन है। देखा जाता है, कि वायुमें जो सब उपा. समयमें मक्सिान गेस उपग्न किया जाता है। फ्लोरेट दान हैं, उनमें नाइट्रोजन और अक्सिजनका भाग हो भय पोटास गर्म करनेसे यह यिकृत हो कर लोराइट सर्यापेक्षा अधिक है, भतपय घायका रूप और धर्म | अप पोटाशियम और भाषेसजन पार उत्पान कर मंपग्धगे जानना हो, तो उसके प्रधान प्रधान उपादानों- देता,है। .. फे रूप और धर्मको आलोचना करना चाहिये। इसके १३) लोरेट भय पोरासके साथ मेङ्ग निज-सार. लिपे मषिमजन, नाइट्रोजन, कार्बोनिक पमिट, जलीय असा या सूखी बाल मथषा कांयका चूर्ण मिला कर पाप और हासोजन आदि पदार्थो के सम्बन्ध गर्म करनेसे बहुत घोड़े समय में दो मधिक परिमाणमें किञ्चित् यिम्तार कपसे मालोचना की जाती है। . मक्सिान गेस प्रा होता है। तस्यार करनेको प्रणाली ___ मक्सिान। . इस तरह है । . • हमने इससे पहले हो भक्सिान मोर माट्रोलमके |... एक भाग क्लोरेट.अव पोटासके साथ इसका पक्ष Vol, XXI, 40