पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष एकविंश भाग.djvu/२१९

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घार . १९३ तथा शनियारमें जन्म होनेसे यह दोन, मनन, कलहप्रिय, ! उसका चतुर्थाश ४५०है। अतएव शाप १७६E+ मुनरागो मोर कत्तिकुशल होता है। । उसका चतुर्थाश ४५०+मासाह+दिनाङ्क ३१+ फलितज्योतिपो मासके दिसायसे घार जाननेका अतिरिक्त २-२२८८, इसमें 8 भाग देने पर मामशेष संकेत दिया गया है। यह पारगणना संकेत, शकाम्द, ६ रहता है, सुतरा १७६६ शकको ३१यों चैतको शुक्र सन् या स्रष्टादभादिसे हो निरूपित हो सकतो है। पार पड़ा । नीचे घार निर्णयके कुछ उपाय दिये गपे हैं। . सन्की हिसाव गणना-शकादकी तरह सनमें भी ____शकाप्दक अनुसार पारगणना-जिस शकाइके , सन्का चतुर्थाश मासाङ्क, दिनाङ्क और हातिरिक्त दो जोड़ जिम मासके जिस.दिनका वार जानना है। उस शकाग्ददे। पोछे पूशेक किया के अनुमार वार जाना जायेगा। को अङ्कसंख्यामें उस शकाठदके भड़का चतुर्थीश जोड़। किन्तु जिस सन्में ४का भाग देने पर १ वाकी रहता है दे। पोछे उसमें निम्नलिनित मासाहू और उस मासको (जैसे १२८१, १२८५ इत्यादि ) उस सन्र्फ भाद्रमासमें दिनसंख्या तथा मतिरिक्त योग फर जो योगफल होगा। ६ और माश्विनमें २ मासाडू जोड़ना होगा। उसको ७से भाग दे। मागशेष जी रह जायगा यही . उदाहरण-१२८४ सालको ३१या चैतको कौन यारसंप्या होगो । यदि भाग शेष १ रहे तो रविवार | पार पड़ेगा ? सन् १२८४ + उसफा चतुर्थाश ३२१ + · कौर यदि २ रहे तो सोमवार जानना होगा इत्यादि। ६ दिनाङ्क ३१ अतिरिक्त १६४४, इममें ७का भाग दे देने यदि शकाव्दका चतुर्थाश पूर्णाङ्कन हो कर भग्नाडू पर भागशेष ६ रहता । मतपय उत्तर हुभा शुक्रवार । हो, तो उस भग्नाके बदले में १ मानना होता है, जैसे- जनवरी- मंगरेजो सालको मख्या भी १७६६ है, इसका चतुर्माश ४४६) होता है, ऐसा न फरवरी-३ उसका चतुर्थाश तथा पायलिक्षित मान फर उसके घरले ४५० मानना होगा, फिर जिस मार्च-३ मासाडू, दिनाङ्क और अतिरिक्ष ६ शकान्दका भगाङ्कन दो, उस.शकाइके केवल भाद्रका | अप्रिल-६ . अङ्क जोड़नेसे जो भागफल होता है, ६ भीर माचिनका २मासारा लेना होगा, नहीं तो मई-१ .. उसमें सातका भाग दे। भागशेप पायलिखित भाद्र और माचिनका पूर्व निर्दिष्ट मासाङ्क जून-४ : जो रह जाय उसमें रविवारसे गणना जोड़ फर गणना करने में अङ्को नहीं मिलेगा। गणनामें | जुहाई-६ कर जो वार पड़ता है उसी पारा यदि कभी भूल जाये, ते। १ वार दे देनेसे मङ्क निश्वप अगस्त-२ अंगरेजी वर्षके से माग ३, यदि शेष मिल जापेगा। सितम्बर-५ कुछ न वचे, तो उस घर्षका फरवरी भक्टूबर-. मास लिप्या होता है अर्थात् यह नयम्यर-३ मास २८ दिनये. पदले २६ दिनका दिसम्बर-५ होगा। उक्त लिपपरयम मासे दिसभ्यर तक दश मासमें भतिरिक्त ६ जोड़ना नहीं पड़ेगा। उदाहरण-१७६ शकाग्दका ३घो चैतको झीन उदाहरण-मंगरेजी १८७६०को २०ी मार्चमा दार पड़ेगा ? यहाँ पर शान मध्या १७९६ मोर कीम पार पड़ेगा! मल्पा १८७७+चतुर्थाश ४७० + मासाट ३४ दिनाङ्क २७+ अतिरिन ६-२३८३, उसमें • "सनपनर नेत्र शून्यमे शून्यम् सातका भाग देने पर शेष ३ रहता है भतपय उस दिन विधुकरपुगपटक मासिकस्याद्-धु पाहम् । मङ्गलबार पड़ेगा। युगदरपासमानौ परसरे सिह माश्ये भायरण, दकनेपाली पातु । ८ दल र काल, दफा नुकरमिट' भाइरेरिपोधे ।।" | भवसर जेसे यारंवार । १० मदी या समुद्रका फिनारा । Vol. xxI. 49. मामार्ग शाम ६आपाद Bhes ३धावण पोप ५ कात्तिक 1३माश्चिम ० अप्रदायण २माघ ४फाल्गुन ।