पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष एकविंश भाग.djvu/२२४

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वारवत्या-बारावस्कन्दिन पारपस्या (सं० सी०) महामारतोन. एक गदोका नाम : याराटक (सं० पु.) यराटक मपत्य। . धारयम् (सं० वि०) पुशविशिष्ट, शिम छ दो। याराटकीय (सं० वि०) यराटक गहाविपश्यति । (एक १२१), पराटक सम्बन्धीय। पारयन्तीय (सं० ली. ) सामभेद । (मैत्तिरीपरी० ५।५।८।१) पाराणसी (सं० प्रो०) परणाघ भसीप, सयौनयोत्तर . पारमधू (सं० पु.) वेश्या, की। मवा (भदूरभाय । पा २२७० ) इति भण-कोप: . पारयाणि (मं० पु०) पारं शब्दसमूह पणसे इति यण-इण। | कामोपामा .. १ यंगोपादक, पंशी बजायाला। २ उत्तम गायक। ____वरणासो च नयौ पुपये पापहरे उभे । ३ धर्माध्यक्ष, न्यायाधीश, जस। ४ संपत्सर । (स्त्री) ___सयोरन्तर्गसा या तु व पाराणसी स्मृता।" ५घेश्या । ६ घेशामों में श्रेष्ट। अर्थात् यरणा और असी नदो पुष्पदा गौरवापरा पारयाणी (सं० खो०)प्रधान घेश्या । नदियों के बीच जो स्थान स्थित है यहो याराममोरे, .पारयारण (सं० पु०) मारपाय देखो। मोक्षधाम काशी है। हिन्दू, जैन गौरवोस इन तीनों पारवाल (मं.पु.) काश्मीरका पफ मप्रदार। सम्प्रदायफे निकट कागो तीर्थयाग समठो जाता है। (राजतर० ११११) नसं हिन्दुओंके निकट यह सर्गप्रधान तयRT. पारवासि (सं० पु०) महाभारतफे गनुसार एक जनपक्का कर प्रसिद्ध है। काशी शम्दमें विस्तृत विवरण देखो। नाम । (भारत भीग em) पाश्चात्य भौगोलिक हिनिने इस स्थान में जिस प्रकार अति प्राचीन काल से प्रा . . Varousal नाम हम स्थानका उल्लेख किया है। के निकट प्राधान्य लाम किया है उसी प्रकार पुरुषा. . . पारयाय-पारवासि देखो। मम्युदयके समय से पोद्रोंके समागम पर पौदागम्मे मी यायिलासिनो (i० स्त्री०) यारान् विलासयतीति वि-लस किया था। याराणमोके तिर्गत प्रामीन पिपतन : णि-मिनि-डा। येश्या, रंदो। पर्समाम सारनाथ माश भो उस सुप्राचीन पोटगीतिका पारयेला (स. नी. ) दिनका यह यामा जिसमें शुभ गिदर्शन देख पाता है। मिट्टो नांच से दो हमारयार काय निपिद पाया गया है। प्रतियार दिनको दो यार. अधिक पुराने स्थापत्यगिता तथा सम्राट अशोक सम्राट येला और रातका एक कालवेला निविष्ट है। दिन फनिक भार पनिक अधीन पूर्वमारतीय शवो प्रथम पामाद को कुलिकयेला या पारयेला और द्वितीय सव शिलालिपियां निकाली गई हैं, उनसे प्राचीन भारत के मामाको भो यारपला करते हैं। पूर्वगौरय भऔर प्राचीन इतिहासफे शक पनीर पार सम्झमें विस्तृत विवरण देलो।। जाते हैं। पारमा (स .) दैनन्दिा प्रतकर्म । | पाराणसीपुर-दाहाल भादवीप सतर्गत एक मग . पारसुम्दरी (सं० रखा०) यारयिलासिमी, येश्या । (भविष्य मरा. ११) यारसया (सरना) १ पेश्यावृत्ति। २पासमूह। वाराणसीयर-योरशैवसिद्धास प्रणेता।" पारना (मनो०) पेक्षा, रंगो।। पारापमोहन-पुण्यतापावरमेद । (ोगिनीतन्त्र ६२) पानिधि ( स०३०) या जमा गिघिः, गनुस । वाराणसे (tic fes) पागणमोदक (नयारिम्पो र पा NARIES) पाणमो-जात। पारा (TRY) को वत, कि.मापन । २लाम, पाम्याग ( free माउस qHit निगंगा पायदा घरका मारा, पार(वि.) किं.फापत, किमी मोर निमार या कामग, मन्ना। ५ो समाजमने हिसा परम- भार माने १५ मामले ARLI का Aurati पारामिका (Fto i ) गां। मानना (ni Ri)पंपा, रहा। चारापकदिन (0) ins