पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष एकविंश भाग.djvu/२६०

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


२२४ पालम्मदेश-त्रांनसेविक यालम्मदेश (स० पु०) शनपदंभेद ।। ' करना हो उनके जीयनका मूलमन्त था। इसी समय : : : यालय (सं० पु० ) थप आदि ग्यारह करणोंमेंसे दूसरा फ्रान्स देशमें Syndicalism का प्रचार हुभा । इस . : करण। यह कारण शुभ फरण है। शुभकार्यादि इस प्रकार उपरोक सोन प्रकारके मतवादफे.पकत मिलगेसे . करण किये जा सकते हैं। इस करणमें यदि किसो. वालसेरिज मके तीन प्रधान भादर्श (निम्न श्रेणी द्वारा का जन्म हो, तो यह याला कार्यकुशल, जनपालक, समाज अधिकार, विष्लय खड़ा करनेकी शक्ति तथा छोटे उत्सम सेनापति, कुलशीलयुक्त, उदार भौर घलयान होता दलसे प्रतिनिधि चुनना ) संगठित हुए। घर उसका है। (कोष्ठीम०) प्रजा सभो मतोंकी उपेक्षा करके इसी मतको काममें लाने. मालयत्ति (सं० स्त्री०) घालनिर्मिता चर्ति, दालोको धनो की तैयारी करने लगी । १९१७६०से अब पालसयिक हुई वत्ती। गण रूसमें शक्तिशाली हो रहे थे, तभीसे उनका मत : यालयाय ( स० क्लो०) चैामणि, लहसुनिया। साम्ययाद (Communism) कहलाने लगा है। ... पालघायज ( स० को०) घेदुर्यामणि । मार्कको मतानुयायी निम्न श्रेणीसे प्रतिनिधि चुनने । चालल्यजन (सलो०) बालस्य चमर पुच्छत्य यालेन के लिये जारके शासनकाल में ही The Russian social . : . या निर्मितं व्यजनं । घामर । पर्याय-रोमपुच्छ, प्रको __Democrnt partyका संगठन हुभा। लण्डनमें १६०३ : . र्णक । (हेम) ई० को इसके दूसरे मधिवेशनमें यह दल फिर दो भागों- .' बालहस्त ( स० पु० ) पाला-हस्त इव मक्षिकादोना निया में विभक्त हो गया। पहला दल बालसेविक या मुश सत्यात् । १ पारधि, पूछ, दूम । (नि.) चालानां दल और दूसरा मेन सेविक या गोणदल नामसे प्रसिद्ध फेशानां इस्तः समूहः। २ फेशसमूह मा । चालसेषिक दल में सदस्योंकी संख्या २६ और मेन पाल'रिक ( Volsherik |-चाल सेधिज्म नीतिका परि सेयिक दलमें सिर्फ २५ थी। १९१०१०के बाद ये दोनो , पोषक | Russian Social Democrat party के मत- दल फिर एक साथ न मिले। १९१२ ई० मे. लेनिन । का और पीछे उनके कार्यों का नाम यालस विज्म रखा (Lenin) के नेतृत्व चालिसेविकाने प्रेग घेठकम पुराने . गया है। किन्तु स मतको उत्पत्ति और उसकी परि- दलओन मान कर हम लोग ही मालिक हैं इस प्रकार । पुष्टि फेयल रूसमें ही हुई गो, सो नहीं। यह यूरोपीय घोषणा कर दी। इस पर मेनसेथिक लंने जब उनके साम्यवादीको दो एक शाखा है। साथ छेनानी की, तब इन लोगोंने 'सभी प्रकार के प्रमा ___माधुनिक या सेविक मतवादको उत्पत्तिका विषय सन्त्रको दूर कर ममी सोमियर शासन पद्धतिका प्रचार कहने में सबसे पहले मार्फ (K. Afarx) भोरपड गेलसके करना होगा यही स्थिर किया । इस शासन-पद्धतिका (P. Engels) १८४७१०. Communist manliestonा मर्थ यह है सारी शनि सिर्फ एक गयमएट के हाप रहेगी. उल्लेख करना आवश्यक है। उन लोगों को इस घोषणाको उस गयएटका प्रधान कर्म विलय पहा करना होगा मरम साम्ययादियोंने मन्त्रवत् स्वीकार कर लिया है तथा और उसकी शासन पद्धतिका देशके अन्यान्य दलौकी .. इसमें साम्पवादिगणतन्त्र in Communnist republic), अपेक्षा निम्न श्रेणीदलही तनमनसे पालन करेगा मेन. को प्रतिष्ठित करनेके लिये इस घोपणाने कस दाल सेयिक सेयिक दल एक प्रमाता-मूल शासनपद्धति चाहता • के निकट पथप्रदर्शकका कार किया है। इसके बाद एक और कृषकों के साथ मेल करना अपमा कर्शय सम. . • दुसरे कापलीक माम उल्लेखनीय है। जिनके कार्यः मता है। कलाप भौर प्रयत्लने इस मतपाइको गीय मोर मो मजबूत १९५०के विसरयुगमे विप्लयो कमी (Hero. हो गई पा उमझा नाम था वाइनिन (Bakunin) | राज lutionary workers' councils.) सबसे पहले पर सान मोर नको घे ना पर ममम्मते थे। अच्छे धुरै ल कारखाना में दिखाई दिये - और इन्हें का विमार न करके रामतन्त्र भोर माईनमें छेड़छाद पटुन कुछ सफलता मी मिली । गत महायुदुधक पहले से ।