पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष एकविंश भाग.djvu/३३८

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२०० विकमोर्यशी-विक्रय पिक मोर्यमा (स.सो.) वालिदासमपीत पक नारक।। देनी होगी, किन्तु पूर्वोक्त परीक्षाकाल पिता देनमें कासिदाम देसो । नहीं मलेगा। यहस्पति मनसे फ्रय यस्तुको स्थप पर यिाय (२० पु.) यिक समिति विकी गच (एरव करे दूसरेसे कराये, इस प्रकार पक्षित मार रमन पा ३३.५६) यिक यमकिया, मूल्य ले कर कोई पदार्थ | होनेसे यह यस्तु खरीद कर पोछे पिताको लौरा मो देना, येगा। संघटस पर्याय-यिषण, विएनन, पणन, सकते। ऐसी दशा विकता उसे पापस सेने बाज . घ्यरदार, पणाया। नहीं है। गनुप समाज में फाययिक.यका काम बहुत दिनोंसे - इस मय-यिकर सम्बन्ध भारदने कुछ विशार | पला भा रहा। प्राचान शास्त्रकारगण इस सम्बध• कहा है जो इस प्रकार है। कोई यस्तु मूसा देकर गयो में गनेक मालोचनार कर गपे हैं। फयधिक यके गई पोछे यह मच्छो . यस्तु न रहने भण्या मधिमा यिप में यत विधिनिषेध मी मात्र देखे जाने है। होने के कारण कताको पसन्द न माई, ऐसी हाल मृत्य दे पार गथया 'मूल्य दूगा ऐसा कह कर प्रो द्रश्य परोदो हुई यस्तु उसी दिन भयित मयस्था विवाद प्रण किया जाता. उसे क ग भार मूल्य पाकर भयया लोटा देथे। उस दिन न लौटा र पदि.दूसरे दिन लागणे कुछ दिन] करार पर जो द्रव्य दूसरेको दिया जाता है तो विक्रेता मूल्यका तीसयां माग रख कर बाकी टोरा से यिक य कहते हैं। देगा। तीसरे दिन पद पस्तु लौटानेसे यह दूसरे दिगफ ___ कात्यायनने कहा है, कि के ता पा खरीदारने कोई / प्राप्य मूल्यांशका दूना पायेगा। चोज रोदी, पर उसका मूल्य मयेकर यह दूसरी जगह यासपने कहा कि मप देकर को प र चला गया, ऐमी अयस्था तिपक्ष अर्थात् पैसालीस गा, परन्तु विक्रेतासे मांगने पर भी यह वस्तु न गिगे। दिन बाद ही उसका मूलर बढ़ेगा और पिता यदि पीछे राजकीय या देवघरमासे यद यस्तु मट या मरा हो पर पति मून लेये, ता अगालोय नहीं होगा। | गई। इस अवस्था यस्तुको जो कुछ हामि होगी यह मीलिये गृहस्पतिने कहा है, कि गृा, क्षेत्र या, अन्य फ्रिताको ही पूरी करनी पड़ेगी। इसके लिपेहता हिमो मूलपयान धस्तुमे मयिक यफ समय लेश्यपन दोषी नहीं है। प्रस्तुत करे मोर यह पत्र 'झपलेप' कहलायगा। मारदगे कदा है, कि यिकता अपना सौदा नहर ___ मनु कहने है, कि यदि कोई मुख्य कय या पिकय | यदि पोछे केसाको ग और निर्धारित समय मोहर करम फे ना या पिके ना हो किसो भो हदपने दुमा यह उपरत, दग्ध या धगहन हो जाये, तो पर गिर . दो जाये, ना ये दश दिनके भीतर उस व्य या मूल्यको पिताका ही होगा, कोसा उमका मायो नही है । रिम्नु थाम ले ले। इस ध्यस्था के ता मोर बिरुता यिकताफे यह यात देने पर भी यदि मोता उगे न दोनोका हो मम्मन होना पड़ेगा।' गौर चला जाय, तो यह अनिए प्रोताको हो गदन करना ___ यायला मतसे एक दिन, तीन दिन, पांच दिन, पड़ेगा। दश दिन गा माघ मास या पक मास तक योज, रत्न] अघिकरण्यापारमें निपेयिधिको मालोचमा TAL र सो पुयप मादि प्राय-ययायको परीक्षा चल सकती चाहिये । प्यामने कहा है कि एक सातिगोवका मिल २। किन्तु इम निदिए परीक्षाकाल में पहले यदि फेय| FAIपरमम्मति येन या दानादि करनेका अधिकार या परीक्षा हुई पी फोर दोपदिपार ,मो याताको) को नहीं है। इसमें सोको मलाह लेनी पड़ेगी। यह यस्तु लौटा दे सगा सा भी उसका मूलप यापन मियां विभक्त अपयश भविमा गांपों न हो, Fair पापंगा। कारागका पदमा ६ कि बिना दाम्मे मम्मति समों का मान धिकार। HTETTE सुने जो यम्गु सरांदो गई, बिस्तु पोडे उममें दोष नि. दागविमापादिणापामापूर्ण मधित निकाला गया, पेमा मयस्या विमताको पदयालोर. दापत्रस्य नाtin यदि पापा कान यात्रामा