पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष एकविंश भाग.djvu/३९३

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विजागापट्टम् ३२५ लिया था । . इस घपंको २०वीं अक्टूबरको फोहने । आन्ध्र, गोलकुएडा, जयपुर और पालकुण्डा नामक करद , विज्ञानापटम् आ कर विजयनगरमको फोनों के साथ मिल | 'सामन्तराज्यों के साथ विजयनगाम्की जमीन्दारो। कर माम्सोमियों के विरुद्ध युदयात्रा की। गोदाघरो जिले सर्किट कमिटीको उता रिपोर्ट में विजयनगरमा इम 'गे घोरतर संघर्ष हो जाने के बाद माम्सोमो सेना पराजित का परिचयं देने पर भी मग्दाजमरकारने उस समय हुई, अंग्रेज सेनापतिने मछलीपत्तन दुगं पर अधिकार कर उस पर हस्तक्षेप नहीं किया। उस समय विजागापटम्की लिया। इस समय वैदरावादफे निजामने मछलीपत्तनके | मन्तिसभा और सरदारों द्वारा स्थानीय नामनकार्य चारों ओर कई प्रदेश इष्ट इण्डिया कम्पनीको मान किये। परिचालित होता था। किन्तु १७६४ में प्रादेशिक उत्सर सरकारमें फिर फ्रान्सीसी अधिकार प्रतिष्ठित न हो। मन्त्रिसभाका ( Provincial Council) पिलोग हो सका, इसके लिये उनको उन्होंने साजीद कर दो। जाने पर समान उत्तर-सरकार विभिन्न कलपटरेटम भिक सन १७६५ ई० में लाई लाइवने दिलोके सम्राट्के फर- हो गया और पर्शमान वितागापरम् मिला इस तरह सोन 'मानेके अनुसार उत्तर मरकार प्रदेशका अधिकार प्राप्त | फलफ्टरीके भीतर भाया। किया। मन् १७७८ में निजामके मा भप्रेजोको विजयनगाम्के भाग्यहीन राजा विजयराम माने नाई सोतारामके हापम पर कर फाउमली का तरह नाना एक सन्धि हुई। उमको शर्तो अनुमार सम्प्र उत्तर सरकारविभाग निधि मंग्रेजों के हा आ गया। थे। यथार्शमें सोताराम हो राजा करते थे। माता अन्यान्य प्रदेशों के सागसी समय विजागापटम् क्रमशः विजयरामका नावालिगोका समय वोत गया । जिला इण्डिया कम्पनीको राज्य सोमामें मिला लिया अब उनके चित्तने यह भार प्रकल हो उठा, कि रास गया। काका भार स्वयं ले कर राज्य करेगे। उन्होंने अपना प्रबन्ध करना शुरू किया, किन्तु सोताराम उन पर ..महिलेफे मालोच्य शतान्दका यशगंग इनिहाम | | कांटे धने । इसके फलसे राजा और मोतारामने विराय. विजयनगरम् के सीमायके माथ अधेिातर संश्लिष्ट है। को सटहुई। मन्द्राज-सरकारने दोनों का विरोध उस ममय म मयानके राजघर्गने होइन देशोक ] मिटाने के लिये दोनों को मन्द्रातमे घुलाया। इसके बाद मयमय कर्ता रद कर दाक्षिणात्य में हिन्दूराजमकिला म जाने विषाद मिटा या नहीं, घे गपे या नहीं। किन्तु प्राधान्यस्थान किया । राजमाता मीतारामराजा सरकारी पेगास न देने के कारण मनजों का उन पर गोल दोषान गगनाशराजके राष्ट्रयिलवकर कुचक्रम बढ़ा तकाजा हुआ। घर सुमायकास राउपकार्यन पद कर फोर्ट भाप हिरेपटाने सन् १७८५६० में मन्द्रायः चलने के कारण कापेकी कमी हो गई। राजा ' पेस' गयर सर टामस रमयोल्डको वाध्य हो कर पदच्युत | दे न मकरुपयेको कमो तथा राज्य सञ्चालनमें गड़बड़ी किया था। रहने के कारण उनका वित्त सा खिन्न रहमा गा। ये सन् १७८४ ६० गन्दाज गर्गमेएट के माशनुमार बार तो अग्रेजों में सालमरोल कर रहे थे. किन्तु एक मविर कमिटो संगठित हुई। इसने उत्तर मरकारोंके गति में उन्होंने मप्रेजोका तिरस्कार लिया । फलता देशको अस्था और भापफे मम्मन्यमें विशेष मनुमग्घान छोमो दल युन भनिवार्य हो उठा। अंग्रेजो ने • कर पहले धोसाकोल सरकारले कासोमकोटा विभाग केलेको दग्नल कर लेने के इरादेस पफ फाँट भेजो। साम्य एक रिपोर्ट भेजो। इसमें उन विभागका जो घर राजाको भी पार मिली। राजा भो अपने सापों मशयनागापटम्में लिखा गया है. या प्राय: ३ भागों मामलों के साथ रणक्षेत्र मा टे। उन्होंने विनप. में विभक देखा जाता है-१ गवामेण्ट के तस्यायधान नगाम् भोर मओपन सोम पमनामम् नामक . रक्षिा हामिलो जमीन । २ विजांग परम् । एपि विभाग स्थान मा कर पाना मेमाहा किया। लेपटनेएर . सास नगरफे घागे भोरके ३३ छोटे-छादे गाय । ३. कर्नल प्रेदरगान माफमण पर उनकी मार । rol. xxI .