पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष एकविंश भाग.djvu/५६०

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४८० विमलसेन–विपान स्वभाव। २ पर्वतभेद। (त्रि० ) ३ निर्मलस्वभाव- | मालूम होता है, कि तारनाथने इसे विमलसम्भय और .. विशिष्ट, शुद्ध हृदयवाला। विमलस्वभाव कह कर उल्लेख किया है।. ' . ' - विमलसेन-काम्यफुटजपति धर्मका वंशधर। ये नायक | विमलार्थक (स.त्रि०) विमल, स्वच्छ। .. और दलपाङ्गला उपाधिसे भूपित थे। विमलानन्दनाथ-सप्तशतिकाविधिक रचयिता। विमला (सं० स्त्रो० ) विमल-टाप् । १ सप्तला, सातला, विमलानन्दपोगोन्द्र-स्वच्छन्दपद्धतिक प्रणेता, सच्चिदा- . कोचो। २ भूमिभेद, एक प्रकारको जमीन । ३ देवी नन्दयोगीन्द्र के गुरु ।। भेद। कालिकापुराणमें लिखा है, कि विमलादेवी वासु- | विगलाशोक (सं० क्लो०) तीर्थयात्री या संन्यासो सम्प्रदाय देवकी नायिका है। का एक भेद। तन्त्रचूड़ामणिमें लिखा है, कि उत्कल देशमें भगवती विमलोकरण (संपु०) १ विमल करनेको क्रिया, शुद्ध । का नाभिदेश गिरा था, इसीसे यह स्थान विरजाक्षेत्र करनेका काम। २ मनमें विचार कर ज्योति मन्त्रसे तोनों कहलाता है। यहां देवीका नाम जगन्नाथ है। । मलोका नाश करना। (सर्वदर्शनसंग्रह ) - देवी-भागवत के मतसे भी देवीका नाम विमला है। विमलेशगिरि-महोदयके दक्षिणसे ले कर सह्यादि प्रान्त "गयायो मनला प्रोक्ता विमला पुरुषोत्तमे।" पर्यान्त अवस्थित एक पर्वत । यहाँका मामलको ग्राम एक (देयीभा० ७/३०६४) तीर्थ समझा जाता है। (देशावली ). .. देवीपुराणमें विमला देवीका विषय इस प्रकार | विमलेश्वरतार्थ (सं० पु०) तीर्थभेद । .. लिखा है- विमलेश्वरपुष्करिणी संगमनतीर्थ-ती भेद । "यूथाख्य विमला फा- शुद्धहारेन्दुवर्चसा । विमलोग्य ( स० क्ली०) तन्त्रमन्यभेद । मुपडाक्षसत्रधारी च कमण्डलुकरा घरा ॥ विमलोदका ( स० स्त्री० ) नदीमेद । यह विमलोदा नामसे नावासनसमारूढ़ा श्वेतमाल्याम्बरप्रिया। भी प्रसिद्ध है। दधिक्षोरोदनाहारा कर्पूरमदचनिता। विमस्तकित (स.त्रि०) द्विखण्डित मस्तक, मस्तकहीन । सितपङ्कजहोमेन राष्ट्रायु पवर्द्धिनी ॥” (देवीपु०) विगहत् ( स० त्रि०) सुमहत्, बहुत बड़ा। विमहस् (स० वि० ) अतितेजस्वी, वहुत प्रतापी। विमलाकर (सं० पु०) राजभेद । (कथासरित ७११६७) विमहो (सं० वि० ) विशेष रूपसे महत्, बहुत बड़ा। विमलामनेब (सपु०) बुद्धभेद । विमलामक (संत्रि.) विमला निर्मल आत्मा यस्या विमांस ( स० क्लो०) विरुद्ध मांस। अशुद्ध मांस, (ऋक ८।६।४४) निर्गल, शुद्ध स्वभाववाला। अपवित्र या न खाने योग्य मांस, जैसे कुत्ते आदिका विमलात्मन् (स' त्रि०) विमल: मारमा खमाया यस्य विमाता ( स्त्री) अपनी माताके अतिरिक्त पिताको १ निर्मल, शुद्ध हृदययाला! (पु.)२ चन्द्रमा । दूसरी विवाहिता स्त्री, सौतेली मां। ' (रामायप्प० ३१३५१५२) विमात (सं० स्त्री०) विमाता देखो। विमलात्मा ( स० त्रि०) विमझात्मन देखो। विमातृज (सं० पु०) घिमातुर्जायते इति विमातृ-जन-। विमलादित्य (सं० पु०) सूर्ण। | मातृसपत्नीपुत, सौतेला भाई। चिमलादित्य चालुफ्यवंशीय एफ राजा, दानार्णयके पुन्न । विमाध (सं० पु०) १ विशेष प्रकारसे मथन, मच्छो तरह इन्होंने सूर्यवंशीय राजराजकी कन्या गौर राजेन्द्रचोड़को मथना। २ दलन या दमन करना। । छोटी बहन कुण्डया देवीको व्याहा था। इनका शासन-विमाधिन् ( स०नि०) भूमि पर निक्षिप्त घा मर्दिन।.. .. फाल १३७ से १४४ शक तक माना जाता है। विमान (सं० पु० क्लो०) यिगतं मानमुपमा यस्य । १.६व. । धिमलादि (स.पु०) विमला अद्रिः । शत्र अयपर्वत। | रथ, आकाशमार्गसे गमनकरनेवाला रथ जो देवतामों