पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष एकविंश भाग.djvu/५९

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५३ वाणिज्य नहीं हो सकती थी। टनका पानदान योर ढाल सोने । संकटोको पार कर भारतीय पनियोंकी वाणिज्य यात्राको का बना था। । बात लिखी है। प्रीक भौगोलिकको वर्णनासे जाना जाता है, कि ___ रोमन सम्राट अगस्टसके राजत्यकाल में मौलास मोफिर (सौवीर ) जनपद भारतका तत्कालप्रसिद्ध कोई गेलियसने प्राच्य वाणिज्यका विषय उल्लेख कर लिखा पक बन्दर था। तासिसगामी जहाज तीन वर्ष पर है कि अरवी पणिक लोग एक विस्तृत सेनावाहिनी इजियोनगोवार लौट भाते थे तथा आवश्यकता पड़ने समान दलवद्ध हो कर युरोपके प्रतीच्य जनपदोंमें जाते पर भिन्न भिन्न स्थानों में पाणिज्यके कारण रास्ते में | थे। उन सबोंको यह वाणिज्ययात्रा पणिक दलकी ठहरते जाते थे। यह सब जहाज प्रधानतः सोना, चांदी सुविधाके :अनुसार तथा पीके जलके अनुसार होती हाथी-दांत, ape नामक घंदर और मोर आदि लाते थे। थी। एक दल एक नियत समयमें एक स्थानसे दूसरे तार्सिसके इस दूरत्यको देखनेसे मालूम होता है, कि | स्थानको रवाना हो कर राहकी सराय या चट्टिम यह स्थान समता समावा. या और वर्णियो। ठहरता था, ठीक उसी समय दूसरी ओरसे और एक बोपके पास न था, पोंकि ऐसा होनेसे अवश्य ही | दल यणिक आ कर एक साथ मिल जाता था। वाणका. घनमानुस दिखाई पड़ते तथा उस पाणिज्ययात्राके का यह सम्मेलन उन लोगोंकी आत्मरक्षाका एकमात्र विवरणमें उस घटनाका समावेश कर साधारणको दृष्टि उपाय था, ऐसा कहा जा सकता है। भाकर्षण करते। इसलिये अनुमान होता है कि पूर्व । • पक समय दो यणिक दल पेमनसे निकले। एक भारतीय द्वोपपुलके मंशभूत नहीं थे। दल हदामोतसे ओमान द्वारा परिचालित हो कर पारस्यो. इस समयके वणिकोंकी भांति प्राचीन वणिक लोग पसागरके रास्ते पर चला आया और दूसरा दल हेजाज मी भरव उपसागरको पार कर मालवाफे उपकूलस्थ घूम कर लालसागरके किनारे पेटा पहुंचा। यहांसे मुजिरिस पन्दर पहुंचते थे। . इस समुद्रयावामें उन्हें यह दल दो दलोंमें बट कर एक गाजा नगरको ओर और . सिर्फ ४० दिन लगते थे। मेसोपोटेमिया, पारस्य- दूसरा दूसरे पथसे दमकस नगर चला गया। येमन- उपसागरके किनारे रहनेवाली आकास.जाति तथा से पैदल पेटा जानेमें करीव ७० दिन लगते थे। यूनानी फणिक णिक लोग बहुत दिनों तक .इस पथसे पूर्व ऐतिहासिक आथेनाडोरसको वर्णनामें यणिकोंकी जिन देशो वाणिज्यकार्यका परिचालना करते थे। इन सब सव सरायोंका उल्लेख देखा जाता है, इम्मायल और वणिकोंके साथ वाणिज्य करनेके लिये भारतीय वणिक | ब्राहिमके समय घे सय वाणिज्य समृद्धिसे पूर्ण थी; ऐसा अनुमान होता है। उस समय इस पयसे मिनराज्य तक ज्ञाते थे। णिकसम्प्रदायके इस तरह जाने आनेसे मायादित खुएको राहसे भी ये भारतीय धनिये बहुत दूर पश्चिम | सकं जाते थे। ये दल बांध कर वाणिज्य द्रश्य अंरकी पोट ."Haring arrived at Bactria, the merchan. पर लाद कर एक स्थानसे दुसरे स्थानको जाते थे। dise then descends.the Icarus as far as the इस बाणिज्य-यात्रामें ये सब कमी कभी स्थानीय सर- Oxus, and thence are . carried down to the दारों को जोत कर ये देश लूट लेते और लूटका माल ले | Caspian. They then cross that sea to the mo- कर मागे पढ़ते थे। इस कारण उन्हें विभिन्न समयमें , __uth of the Cyrus : ( the Kur) where they as. विभिन्न पयोंशा अवलम्बन करना पड़ता था। वाइविल cend that river, and on going on shore. are धर्मप्रम्प एपिकापेल ( Ezekiel) विभाग तथा लिामो transported by Iand for fire days to the banks ( Levi. c. b.) को विधरणीमें भफ्रिकाके रेगिस्तान में | of the Phasis ( Rion ) where they once more embark, and are conreyed down to the Eu. उत्तर-पशियाफे सुणमण्डित प्रान्तरमें तथा विभिन्न गिरि- xine.' (eliny; . Vol. XXI. 14