पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष एकविंश भाग.djvu/६

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


वस्ति

मुपादि धानु, एम, बाम, मल, दान- Pाम या पिरेनन बाद यस्तिमयोग करनिके पार मणि मादिमा मल प्रस्तुत करना दोगा। यति। तथा शरीर बलोपय दोगेर माशार करर कर माय. प्रयोगमे एकमे एपफे रोगीफे लिये गलीका ७/ कालमै मनुवासन यस्तिका प्रयोग करना सामा। मनुया. ..प १२ पर्प मापे लिये ८गलीका, १२ यमे पर सनमिया करने रोगों का मन लगाकर कुछ रोगियोंके लिये १२ उंगली सम्या मल. बनाना होगा। उमा जल द्वारा स्नान करना मीर पो भोक पार म मलका रोद पायम ग. फलाय और पेरफे योजफे | सौ कदम टहलना होगा। इसके बाद पाय, मन मोर वगया होगा। उसका गोदुमकार होना आपक है। मलत्याग होनेमे मोहयम्तिका प्रपोग हितार। मन्दका मूल भाग गोदुमाफार यमा फर' मुपफी ओर • जिस समय स्रोयस्तिका प्रयोग करना होगा, उम माम मूदम करना होगा। . .. " | ममय रोगोंको पाई परयट मुलाये । पाछे उसको वा मृग, डाग, शाल, गो माया महिपको मूलशोर पम्ति | जांच मला पर गौर दाहिनी शघि निफुला कर गुपदेश धारा यमित कार्य करना होगा। मगी प्रकारको गस्तिः । मुशण करे। मामन्तर शिविरम यस्ति मुह. को करायादि द्वारा मन कर लेना होगा। उसका फो मूरा द्वारा कर पायेदाणमे उमका गुरु मृदु, स्निग्ध माय दोगा मायश्यक है। पमें शो और दाहिने हाथमे गुतीमा योजना करफे पेगसे गमिनप्रयोग किया जाता है, उसका नल' लक्षण और पाटन करे। नीम मास काल मी प्रकार पोदन पार मेगुल, परिणामें गृध पदोको मलिका मान करना होगा। दुमरे संमए नगी मी पोटग करना सपा ऐद मुंगके परावर बनाना होगा। नित नहीं। यस्तिप्रयोग ममप जमा करमा, 'ममा, ___भन्छो मग प्रयुक्त होने रोरका उपय और हिनकमा भाधिमना । . पर्णको उरकता, पल और भारोग्य तथा पामायुको इस प्रकार म्ह मरताप्रथिए होनेमे एकमो चाप एशि होती है। शोत गौर घमासकालमें दिनको म्मद पनि समाप्रोम, यों भी भारतालमें मनुगामन. उपारण करने में जिनंना मायलगे, उतना समय रोगीको पानका गोगनरे। पयोकि एक समय मेमोरग उतागमाया मोगा चाहिये । पाने जो गाया और गौर हनुमान दोनों प्रकार ने सेयित होगैम मरता फालका विषय कहा गण. मका पिपपम प्रकार Eिnr कागा होता-मानी जांघ पागली ! गौर गुम्मा मोतीदतथा भरपन गशय मोशन कर गौ भनुगामा करमा उगित नहीं करने पल मौर वर्ण पर घुमाकर इस जगह लाने में मिसमा गालगता anitark| समय सुनिसिको गाहिये, उमने ममपको एकमावा को भारफे, निपप गोम करार गनुपासम पम्रािका पक धार मदने मार मोसनमें या गुग्यणका उपारण करने तिना समय लगता है. उतने समयका गाम निरोग पर पहले माताये का विशेष माया। . . . . . . . . . सनगा रोगा। पाकिहोगमा सामे पहिला प्रयोग गरी मग तिप्रयोग-योनसे. यग्गियी. मारे भारगेमे कोर पर गहों होता am धित माता होने में मारी बाहुन मन पेस शाप, इसके लिय निरिमको गौमामालिनीमार न होना माहिए. किये रोगोषी दोनों मोबाकोशीमबार पागनिमाजापर, मगर माया : जाधम गौरीग कार प्रमाल करें। मपं. बाद र २ | fan नेद दागोगो करार. पाताल गौर करिव FARM पनि गाह, मो. मnital wiri हम्म हमान नगा करियेश पा rint मेप को पूर्णपाया ! AIIT, ASIR RIALA नंग पार गरेको पानिमामो या min aur n: मा। .. ! र भात भा. रोगा। न हार निsna माग गरे