पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष एकविंश भाग.djvu/६२

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५- वाणिज्य - उम.लोगोंने पाणिन्य-प्रमारफे साथ साथ उपनियम जीयन यापन करते हैं। इस समुदपातासे ये लोग स्थापन कर जितने छोटे छोटे राज्य अपने दनल में किये जातिच्युत या समाजमए गदों हुए। थे, वे भी मष्ट हो गये। इसके अतिरिक्त भारतवासियोंके साथ उत्तर तथा । तरनतर मोटो रकम पानेको आवास पण्यतया मध्य एशियालंडका वाणिज्यकाके परिचालना मोर . पाणिज्य छोड़ कर सय पुर्तगीज लोग मानव विकय पयं भी कई एक पात्य पधोका परिचय पाया जाता है। . मनुष्य पकएने लिपे दिन रात परिश्रम और अध्ययः | अफगानिम्तान, ' फारस, पश्यिा तुर्किस्तान प्रभूति . सायम निमग्न रहने लगे, तमोसे पुर्तगाल राज्य पापकर्म | देशों में पण्यद्रव्य ले जाने में यणिको प्रधानता मुले. यरी तरह फंस गया और उसी पापसे उन लोगों का मानो पनमालाके सकट ममूह, पेशापरफे पार्णत्पपण, वाणिज्य मी विलुप्त हो गया। यास्तयमें पुरीगोजोंके गएडायाफे निकटयत्ती मूलासंभट तथा योलन गिरि प्राचीन मानचितों में जो सब स्थान सौधमालापूर्ण नगरों- पपसे जाना होता है। सिन्धुसे कन्दहार ( गाभार) से परिशोभित एवं अलंकृत दृष्टिगोचर होते है, पापी राजधानीमें प्रवेश करने के लिये बोलनके अगम्यपथसे माणित प्रायः ४०० मील भूमिको पार करना होता है। मेरा. व्यवसाय ( Capture and Sale of Slave) से ये सब इस्मालनाको विपरीत दिशा गुलेरोके संकटपथसे दो स्पाग जनहोन मयभूमिमें परिणत हो गये। परयत्ती कर अफगानिस्तान गौर पंजारका पाणिज्य चलना है। कालफे मानचित्र में फिर उन सब स्थानों के नाम सन्नि! पशायरस कायुलको राजधानी प्रत्यागमन करने के लिये पेशित नहीं हुए। ये सव स्थान इस समय "महात. माधवाना गोर तातारा नामक यो गिरिपयों को पार मारण्य" प्रदेश कहलाते हैं। करना पड़ता है। सिग्धप्रदेशके शिकारपुर गगरसे पण्यद्रव्य शरीद कर पणिगण धोरे पोरे पोलमका पशियायासी वणिफ-सम्प्रदायके मध्य भारतफे उत्तर. गिरिपथ पार कर कन्ददार पा फलाह मगरम पश्चिम उपकूलयासी बिगिय घेणोफे हिन्दू वाणिज्य माते हैं। इस शेषोक स्थानो बणियों के साथ मध्य प्रमायमें बहुत पूर्वकालसे हो विशेष प्रभायायित है। पशियापासो पणिका व्यापार चलता है। गानोसे उनके लिये कोई नहीं कर सकता, कि किस समयसे ये गोमाल पयको पार कर देगास्मालयाम माना होता लोग शिकाफे उपकूलमें याणिज्य करने जा रहे हैं। है। इस पथसे पोविन्दाजाति पैदल चल कर व्यापार उग सबों में कोई किमी समय अफ्रिकामे प्रोपुनके साथ किया करते है। ये दम्यमहतिक और यणिक-सिधारी महों भापे। ये लोग कुछ वर्षों तक कायाममें रह है। सेवरही घाटी पास हो कर कापुल जागेका एफ घोर कर अपने देशको लौट जाते थे पपं फिर जप कमी विस्तृत रास्ता है। प्रति वर्ष भारतमें मिस पायथ्यको मायश्यकमा होतो थो, तप घे यिनकी पासा करते थे। सामदनो रपतमो होता है, उसका मूल्य दो करोट पपपेसे महा सो अपने देशमें हो दूकान फरफे, वाणिज्प कार्य कम नहीं है। सम्पादन करते थे। पुर्तगाल लोगोंने जिस समय मफ्रिका एवं भारत ."The Bhatia and Banyn who torma Inrge मोर पूर्व मारतोय दोपॉफ. उपफूलमागमे अपना गधि. number of these traders are Hindus and are कार जमा लिया था, उस समय उस. विमम्प्रदाय rery strict onca, yet it in remarkable that तिने दो लोगप्रतिकासे भगा दिप गये। इस श्रेणी, they may lease India and lire in Africa tor : लोगोंमे भारिपा गौर यनिग शातिर्फ लोगों को संपादी Fears without incurring the penalty of loss of मधिल पोटोगस ममय गो मुहर ममि भूमिमें } enstehich in enforcednainst Hindus learing मानी जातीय मिठा सपा पिरयताको रक्षा करते India in any other direction." (Cyclh. India ). ..":. -- -