पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष एकविंश भाग.djvu/६२४

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५३८ . विवाह होने पर भी कुछ समुन्नत हैं। फिर भी, इनमें विवाह पहनके माय विवाह कर नहीं सकते ; : किन्तु सौतेली । पन्धनकी अच्छी प्रथा दिखाई नहीं देती। 'बहन के साथ विवाह करने में इनकी कुछ भी बाधा नहीं। ताहेती ( Talleti) आदि जातियों में भी इस अतीत प्रतीच्य जगत्में भी. भाई बहनके विवाहकी प्रथाका प्रयोजनीय सामाजिक कार्याको कोई अच्छी प्रथा नहीं है। विलकुल असद्भाध नही। इजिप्तको रलेमो ( Ptoleny) ।, किसी किसी असभ्य जातिके लोगों में स्ती-ग्रहणका | वंशमें भाई-बहनफे पिघाहके बहुतेरे प्रमाण हैं । 'स्कन्दः विषय पशुओंको अपेक्षा भो घृणित है। इनमें पाव- नाममें भी ऐसा विवाद होता है। हिमस्कंला सागा पात्रियों का कुछ भी विचार नहीं है। ये समाजकी प्रथाके (Heim.skringta saga )में लिखा है, कि राजा निरोद अनुसार अपनी बहन तथा येटियों के साथ भी सम्भोग-क्रिया (Nirod )ने अपनी बहनके साथ विवाह किया था। सम्पादन कर सकते हैं। इस विषय चिपिवायन लोग यह विवाह कानून द्वारा जायज था। उदाहरणीय है। कादिया ( Kalink ) जाति के लोगों में चचेरी पहनके विवाह बन्धनका उदाहरण तो बहुत भा इस तरहको प्रथा देखी जाती है । फरेन जातिके | अधिक दिखाई देता है। एब्राहमने साराके साथ विवाह लोगोंमे पिता पुत्रीमें, भ्राता भगिनीमें भी स्त्री-पुरुष किया था। कानानाइट (Cananites ), मरयो, इजि. . का सम्बन्ध होते देखा जाता है। वाष्टियान (Bastian) - तीय, आसीरोय और फारसवालोंमें इस तरहका, ने लिखा है, कि अफरिका गनजलभस और गाधून विवाह प्रचलित था। स्थानविशेष अय भी प्रचलित . अन्तरोपके राजे अपने वशकी शुद्धताकी रक्षा करनेके है। वेदाओंकी सामाजिक रीत्यनुसार अपनी जेठो वहन लिये अपनी कन्याको रानी बना लेते हैं। उधर रानियां गौर फुमा, मौसी आदिके साथ विवाह नहीं कर सकते, पतिके मरने पर अपने ज्येष्ठ पुनको पतिका आसन दे | किन्तु छोटी बहनके साथ वे कर लेते हैं। इसके ; देती हैं। सिया इनमें विवाह-खण्डनका विधान नहीं है। वे लोग माई बहनमें विवाह । कहते हैं, कि फेवल मृत्यु ही एकमात्र विवाह बन्धन असभ्य जातियों में पानापात्रका विचार करनेको तोड़ने में समर्थ हो सकती है। किन्तु इसके पड़ोसी .. पद्धति है ही नहीं। पहले ही कहा जा चुका है, कि ! काण्डीय लोग विविध प्रकारसे उनको अपेक्षा उन्नत हैं, चिपियायनों में अपनी कन्यासे विवाह कर लेनेकी प्रथा . फिर भी, विवाह-वन्धनके सम्बन्धमें उनको ऐसो ढूंढ . प्रनलित थी। फ्लाविजेरी ( Clarigero) कहते हैं, 'धारणा नहीं है।. . , . कि पानुचिज ( Panuches- ) जातिके लोगों में भाई. स्रोपुरुषोंका बहुविवाद। . . वहनमें भी विवाह-वन्धनकी प्रथा प्रचलित है। काली . ( Cali ) जातिमें मतोजी, मांजोके साथ भी विवाह पजियन आदि कई असभ्य जातियों के लोगोंमें कई प्रचलित है। इस जातिमें जो सबसे प्रधान और बड़े पुरुष मिल कर एक रमणीके साथ विवाह करनेकी प्रथा सम्भ्रान्त कहे जाते हैं, वे बेरोकटोक अपनी बहन के साथ है। किन्तु यह प्रथा उन्हों लोगोम हो नहीं, घर' सिहल, विवाह सम्बन्ध कर लेने हैं। सरकुइमिडाने न्यू स्पेनमें मलयार और तिम्मतकी उच्च श्रेणोके लोगों में भी यह . भाई-बहनमें इस तरहके ३।४ विचाहो की बात लिखी है। प्रथा देखो जाती है। दूसरी ओर बहुपत्नोका प्रहण समी । पेरु प्रदेश में इस जातिके लोगों ने प्रधान सामाजिक देशोंमें सब समय दिखाई देता है। बहुत अचे दरजेके । नियमानुसार सहोदरा जेठी वहनका पाणिग्रहण कर | लोगों में मो. यह प्रथा जारी है। सुविख्यात् ग्रन्थ- लेते है। पलिनेसियाम भी ऐसा हो नियम है। साण्यु- रचयिता मनित्यिका विश्वास है, कि यौन दुनीतिसे इच द्वीपफे अधिवासियों में राजवंशके लोग भी संघोसमाजमें नित्य ही अशान्ति मचती रहती है। किन्तु यह धरा बहन के साथ विवाह किया करते हैं । इरोने लिखा वात इतिहासके सिद्धान्तसे सम्मत नहीं। एलिउटिन है, कि मालागासी ( Malagasy ) जातियों में सहोदरा ( Aleutin) द्वोपके अधिवासी स्त्री-पुरुषों नैतिक भाष