पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष एकविंश भाग.djvu/८२९

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विर्तृ-विहार ७२७ यिहत (स० वि०) वि-ह-तृच । विहरणकारी, विना- भेद। सहाराम देखो। ६ विक्षेप। ७ फ्रीडास्थान, शक। (याश० २०२६) । रतिक्रीडा करनेकी जगह । ८ रतिकीड़ा, सभोग । विहर्ष ( स० नि०) विगतो हो यस्य । दर्गविहीन, : ६ विन्दुरेखक पक्षी। १० धैजयन्त । (शब्दमाला) उदास.! (भारत ४।२६।२५) विहार- लेफ्टनाएट गवर्नरके शासनाधीन एक प्रदेश । यह विहलह (-सपु०) सपशाकके पिता, दिहल । पहले बङ्गालमें शामिल था। सन् १६१२६०में बगविच्छेद. विहय ( स०पु०).१ यश । २ युद्ध, लड़ाई। के समय इसने बङ्गालसे पृथक हो कर स्वतन्त्र होनेका विधाय (सं० त्रि.) यज्ञीय । (कात्यायनी २५।१४१८) सौभाग्य प्राप्त किया। उस समपसे इस प्रदेशमें उड़ीसा विहध्य ( स. नि.) १ विविध कार्यमें आहूत ।। भी जोड़ दिया गया। इससे इस संयुकप्रदेशका नाम (शुक्लयजुः ८४६ महीधर ) २ यशोय, यश सम्यन्धीय। विहार और उड़ीसा प्रदेश हुभा है। यह किसी अन्य (अथर्व २।६।४) (पु०) ३ मागिरस गोत्रीय मन्त्र प्रदेशसे आयतनमें कम नहीं । इसकी जनसंख्या द्रष्टा ऋषिभेद । (भृक १०।१२८ सूक्त) ४ वर्चसके पुत्रभेद । ३४७५०००० और भू-परिमाण ८३००० वर्गमील है । विहार (भारत १३ पर्व ) यौद्धधर्मका प्रसिद्ध केन्द्र कहा जाता है। यह योद्धधर्म पिहवा (स'. स्त्री०) १ इष्टका भेद, एक प्रकारको हैं। लोगोंको पवित्र विहारभूमि है। इस प्रदेशमें पौधोंके (तैत्तिरीयस० ५।४।११।३) २ यशोय मन्त्रभेद । असण्य विहारोंको देख मालूम होता है, कि इन विहारोंक . (तैत्तिरीयस० ३१७१३) कारण ही इसका नाम विहार पड़ा है। उड़ीसाके विदसित (सलो०) वि-इस-क्त । मध्यम हासा, यह सिया फेवल विहारमें पहले दो विभाग थे--पटना और हासा जो न बहुत उष्ण हो, न पहुत मधुर । (अमर) - भागलपुर; किन्तु इस समय इसमें एक विभाग विहस्त ( स० लि.)१ माकुल, घबराया हुआ।२स्त और भी मिला दिया गया है, उसका नाम छोटी- • हीन, विना हाथका हुआ हो । ३ भति पात, बहुत नागपुर है । पटना विभागमें गया, शादावाद (भार। ), दूर तक फैला हुआ। (पु०) ४ पण्डित, विद्वान् ।। मुजफ्फरपुर, दरभङ्गा, सारन, चम्पारन, पटना ५पण्ड, नपुसक, हिजड़ा। मादि जिले हैं । भागलपुर विभागमें भागलपुर, मुर, विहस्तता ( स. स्त्री०) विहस्तस्प भायो धर्मों या तल्: पूर्णिया, सन्थाल परगना और दुमका जिले हैं। नये राप। विहस्तका भाव या धर्म। छोटानागपुर विभाग, रांची, इनारीवाग, पलामू, 'विहस्तित ( स० लि. ) चाकुलित, घबराया हुभा। सिहभूम, मानभूम मादि जिले हैं। पटना इस विहा (स' अव्य०) ओ हाक त्यागे ( विषाविहा । उण. प्रदेशको राजधानो है। यहाँको जनसख्या १३६००० ३६) इति निपाननात् आ। स्वर्ग। हैं। व्यवसाय वाणिज्यकी सुविधा कारण यह विदापित (स' फ्लो०) विदा-णिच:क, पु-आगमश्च 1 | स्थान विशेष समृद्धिशाली हो गया है। रांची दान। शहरमें गवर्नरका प्रोमावास और दानापुरमें सेना. - विहायस (स० पु० को०)) १ आकाश । ( यमर) | नियास है। गया हिन्दुओं तथा धीदों का एक प्रधान (पु.) २ पक्षी, चिड़िया। (नि.)३ महान, पड़ा। तोक्षेत्र है। विहायस (सक्लो०) १ आकाश। (भारत श६।१४) प्राकृतिक अवस्था-विहारको भूमि साधारणतः (३०)२पक्षी। । अमर टीका भरत )३दान। समतल है। किन्तु, मुंगेर, राजमहल अशलमें मोर विहायसा (स० स्त्री०) आकाश । ( अमर टीका मथुरेश) | सन्थाल परगना तथा भागलपुरमें पहाड है। गपाका विहार ( स० पु०) वि-ह-घम् । १ भ्रमण, मन बहलानेके | महिर पहा १६२० फीट ऊंचा है। सन्थाल परगना. लिये धीरे धीरे चलना, टहलना। २ परिक्रम, घूमना। में जितने पहाड़ हैं, उनमें जो सबसे बड़ा है, यह १६०० - ३ स्कन्ध, कधा। ४ लोला। ५ सुगतोलय, बासमठ.] फीट ऊंचा है। हजारीबाग जिलेका पारशनाथ पहाड़