पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष एकविंश भाग.djvu/८४२

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७३६ चीजगणित प्रदत्त है) नियम दिखा कर नई प्रधासे विशेष श्रेणीफे कई । करना पड़ा था। इसके कई वर्ष बाद झांस देशके प्रसिद्ध अङ्क निष्पादन किये है। इस समय इमोको हो अनि गणितविद् फार्मारने घेफेटके संस्करणके साथ यूनानी, र्धारित विभाग कइते हैं। . . | चीजगणितकारों के अन्धों के सम्बन्ध में स्वन टोका मनिः । सम्भवतः दिमोफन्तास हो यूनानदेशके वीजगणितके घेश कर चेकेरका नयां संस्करण प्रकाशित किया। ' मूलप्रशिकार हैं। किन्तु ऐसा मालूम नहीं होता, 'कि' | फार्माट स्वयं पण्डित था । सुतरां इस संस्करणको उससे पूर्व उस देश के अधिवासी इस शास्त्रसे अनभिज्ञ | सोने प्यार किया था। यह संस्करण प्रचलित संक- . थे। यहो सम्भा है, कि मूल विषयोंका अध्ययन कर | रणों अत्युत्कृष्ट है । यह.सन् १६७० ई० में पहले पहल अपने वुद्धिवलमे इन्होंने इसका उत्कर्ष साधन किया है। प्रकाशित इमा था। दिओफन्नासके रनिन सगोकरणों की महज पद्धति देख दिवोफन्तासकृत प्रन्यायलोका. उद्वार होनेसे अडः . मालूम होता है, कि वे इस विषय पहलेसे ही पारदर्शी थे। शास्त्रमें युगान्तर उपस्थित हुआ था सही। किन्तु यह और द्वितीय पर्याय निर्दिष्ट समीकरणोंका सम्पादन] बात कोई स्वीकार न करेगा, कि इस प्रन्थावलीसे हो कर मकने थे। सम्भवतः उस समय यूनान इस | यूरोप-समाजमें , योजगणित विद्याका प्रचार हुआ है। शास्त्रका उत्कर्ष यहाँ तक हो हुआ था। इटलोमे शिक्षा यूरोप वासियोंने आर्यासे हो यह विधा तथा सण्या- सस्कार-युगमें हमने सम्यक उत्कर्यलाभ किया। किन्तु | गणना और दार्शनिक अङ्कप्रणालीको शिक्षा मान को उससे पहले पाश्चात्य शिक्षित जगत्के सव स्थानों में ही थी। विचक्षण और बुद्धिमान् परववासी इस.चीज यूनानकी अपेक्षा प्रकृष्टरूपसे वीजगणितको प्रसारद्धि | विज्ञान शास्त्र मर्मको मगझ कर वारंवार आलोचना नहीं हुई। द्वारा जगत्में इसको ज्योतिविकोरण करते रहे। उम थिमोनको कन्या प्रसिद्धा हाइपेसियाने दिमोजन्तास. समय भी समप्र यूरोपखण्ड अशान तिमिरमें टूब रहा. के लिखे प्रन्थका एक भाष्य धनाया था। इसके सिवा था। .अरयोने विशेष अध्यवसायसे यूनानो अङ्क- इसने एपोलोनियासके सूचीच्छेदविषयक गणितशास्त्रकी विदोंकी प्रन्यावलोको संग्रह कर मातृभाषामें उनका भी एक टीका की थी। दुःखका विषय है, कि इन दोनों | अनुवाद कर नानारूप भाष्यादिके साथ प्रकाशित किया . प्रज्यों इस समय एक भो नहीं मिलता। था। भरवी भाषामें लिखो प्रत्यापलीसे यूरोप-वासियोंने १६ वी शताम्दी के मध्यभागमें प्रोकभाषामें लिखी ज्यामितिका उपकरण प्राप्त किया। मापोलोनियाका पूर्वोक्त दिशोफरतासको प्रथावली रोमके भाटिकन पुस्त- मूल प्रन्य आज कल और नहीं मिलता। प्रन्धका कुछ कालयमें मिली थी। संभवतः तुकीने जय कुस्तुन्तुनिया में भी भरयो भाषासे अनूदित हो कर रखा जा पर अधिकार किया, तब यह प्रयावली • यूनानसे यहां रहा है। लाई गई। सन् १५७५६०में जाइलण्डरने लेटिन भाषाम अरयोका कहना है, कि उनके देशमें मुहम्मद बिन . अनुवादित इसका एक संस्करण प्रकाशित किया था। मूसाने सबसे पहले बीजगणितका आविष्कार किया। सन् १६६१ ६०में फेट डी मेजेरियाक नामक फेश्च | ये बुजियानायासो महम्मदके नामसे भो परिचित थे। पकाठमीक एक सदस्यने इस प्रन्धके सटीक संपूर्ण | 'पा, इन्होंने [.. प्रतिष्ठा पाई अनुवाद प्रकाशित किया। केट- अपने "अनिदिए थी। . - H.. “अर्धात विभाग" विषयक अङ्कमें विशेष पण्डित था। नवी नथे.. .... . उपयुक्त पान द्वारा ही उपयुक्त कार्या , • पक प्रय था। दिधोफन्तास कृत मूल ग्रन्थका प्रायः तरह नष्ट हो गया था, कि वेकेटको . प्रशकारका भालेकर या पाद पूरण कर