पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/१७

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


उनकना-टमटी टनकना ( हि क्रि.) १ टन टन बजमा। २ गरमी | वस्तुको प्राप्त करनेके लिये मनुष्योंका एक पर एक टना । लगने के कारण मिरमें दर्द होना। ३ एकके बाद दूभरेका मरना । (वि.) ४ भूला भटका, टनटन (हिं स्त्री०, घण्टा बजनेका शब्द । एक प्राध, बहत थोड़ा। टम्टनाना (हिं क्रि०) घण्टा बजाना। टपकाना ! Eि क्रि. १ चुधाना। २ भरक उतारना, टनमन (हि.पु०) तन्त्र मन्त्र, टोना, जाद। चुभाना। टममना (हि. वि० ) जिमको चेष्टा तोब्र हो, जो सुस्त टपकाव हि पु०) टपकानका भाव या क्रिया। न हो, स्वस्थ, चना। टपना (हि क्रिः ) १ निराहार रहना, बिना खाये पीए टना (हि. पु.) १ योनि, भग । २ वह मामका टुकड़ा पड़ा रहना।२ व्यर्थ किसी दूसरे की पाशमें बैठा रहना। जो स्त्रियोंकी योनिके बीचमं निकला रहता है। ३ पाच्छादित करना, ढाकना। टनाटन ( हि स्त्री. ) बराबर घण्टा बजनेका शब्द। टपनामा (दि. पु०) जहाज परका एक रजिस्टर। इसमें टनी (हिम्खो०) टना देखो। . समुद्रयात्राके ममय तुफान गर्मी प्रादिका लेखा रहता टनन । अ० स्त्रो०) जमीन या किसी पहाड़ श्रादिक है। नोचे हो कर गया हुपा रास्ता, मुरंग। टपमाल (हि. पु० ) जहाजों पर काममें पानेवाला एक टप (हिं. स्त्री०) १ वह कपड़े का परदा या अोहार बड़े नोहेका छन । जो जोड़ी, फिटन, टमटम या इसो प्रकारको खली गाडि: टपाटप (रि क्रि० वि० ) १ बराबर टपटप शब्दके साथ । यौमें लगा रहता है, कलंदा । २ वह छतरो जो लट २ जल्दी जल्दी, झट झट । कानवाले नपके अपरमें लगी रहती है। (पु.) ३ पानी टपाना (Eि क्रि.) १ निराहार रहना, पड़ा रहने देना। रखनका एक बड़ा बरतन जिसका आकार नाँदमा होता २ निष्प्रयोजन बैठाए रखना। है। डिबरीका घुमावदार पेच बनानका औजार । टप्पर (हि.पु. ) काजन, छप्पर । (स्त्रो०) ५ किमो चोजके हठात् गिर जानका शब्द । टप्पा (हिं० पु.) १ गतियुक्त वस्तु के बीच में भूमिका स्पर्श, ६ बूंद बूंद टपकनेका शब्द। उकल कर जाती हुई वस्तुका बीच बीच में टिकाम । २ टपक ( हि स्त्री० ) १ टपकनेका भाव। २ बूंद बूंद उछाल, कूद, फांद, फलांग । ३ नियत दूरी, मुकर गिरनका शब्द । ३ ठहर ठहर कर होनेवाला दर्द। फामला। ४ वह विस्त त भूमि जो दो स्थानों के बीच में टपकना (हि क्रि० ) १ किसी तरलपदार्थ का बिन्दक | पड़ती हो। ५ छोटा भूविभाग, परगनेका हिम्मा । ६ अन्तर, रूपमें थोड़ा थोड़ा कर गिरना, चूना, रसना । २ पके हुए : फक। ७ दूर दूरको खराब मिलाई । ८ वह ठहराव जहां फलका आपसे आप गिरना। ३ ऊपरसे महमा पतित पालको ले जानेवाले कहार बदले जाते हैं। ८ पालके होना, टूट पड़ना: ५ अधिकतामे कोई भाव प्रकट जोरसे चलनेवाला बेड़ा। १० एक प्रकारका हुक या होना । ५ शोघ्र आकर्षित होना, ढल पड़ना, फिसलना। कॉटा। ६ स्त्रोका संभोगको ओर प्रवृत्त होना । ७ धाव इत्यादि. टब ( अपु० १ नांदके प्राकारका एक खुला बरतन के कारण शरीरमं पीड़ा होना, चिम्लकना, टीम मारना। जो पानी रखनेके काममें पाता है २ छत या किसी ८ युद्ध में पाघात खा कर गिरना ' दूसरे अ'चे स्थान पर लटकाये जानेका लप। टपका (हिं० पु. ) १ बूंट बँट गिरने का भाव . २ टपकी टमकी (हि. स्त्रो०) किसी प्रकारको धोषणा करनेका हुई वस्तु, रमाव। ३ पक कर आपमे आप गिग हुआ एक छोटा नगाड़ा, ड गड गिया । फोन । ४ वह पीड़ा जो ठहर ठहर उठतो हो, टोस । ५ टमटम ' '• स्त्रो. ) एक घोड़े की गाड़ी जिसे सवारी मवेशियोंके खुरका एक गेग, खुरपका। करनेवाला अपने हाथसे होकता है। टपका टपको (हि. स्त्री.) १दा बूंदी। २ किसो टमटी (हिं स्त्रो०) एक बरसन। Vol. 11