पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/२०६

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मौकर। २०२ सनकीर-नावल तनवी( मो.) पन्ध षणा, जाँच, खोज । २ न्याया• तनवाना-ताननेका काम दूसरीसे कराना, समाना। लयमे उपस्थित पभियोगममे विवादास्पद बातों को ढंढ़ तनवाल (हि.पु. ) वेश्यों को एक जाति । निकामना । तनम् (स'• पु०) सनोति वश तन-प्रसन्। पौवादि । तनलाह (फा स्त्रो, वेतन, तलब । तनमान (हि.पु.) स्फटिक, बिल्लोर । तनखाहदार । फा. १२) वेतनभोगी, सलब पाने वाला तममीख ( प. स्त्री० ) अस्वीकार करमा, रह करना । तमसुख (हि. पु. ) एक प्रकारका उमदा फलटार तनवाह हिस्सt) तनखाह देग्यो । कपड़ा। सनज़ब ( फा. मो. ) एक प्रकारका मूक्ष्म और सुन्दर तनहा ( फा० वि०) एकाकी, पकला। मूतो कपड़ा। तनहाई ( फा० स्त्री.) १ तमहा होने की दशा। २ तनज्ज न ( प.पु.) अवनति, घटाव। एकान्त, वह स्थान जहाँ और कोई न हो । तमज्जली (फा० स्त्रो.) अवनति, घटाव। सना ( स० स्त्री०) तन-मच टाप । धन, दौलत । जनतना (दि. १०) १ रोषदाच, हकूमत । २ क्रोध, गुम्मा ! सना ( फा० पु.) १ पेड़ का धड़, मदल । ( क्रि० वि० । तनतनाना (हि. कि० ) १ रोबदाब दिखनाना । २ क्रोध २ पोर, सरफ। करना। सनाई ( बिस्त्रो०) तनाव देखो। तनदिही ( हिम्खो० ) संदेहो देखो। समाजा (१० पु.) १ प्रपंच, झगड़ा, टंटा। २ शत्र ता: तनधर (हि. पु. ) तनुधारी देखो। वै। तममा (हि. कि० ) १ झटके, खिचाव वा खुश्कोसे सनादि (मपु०) धातुपाठोता धातगणविशेष । किमो पदार्थ का विस्तार बढ़ना। २ जोरम खिचना | सनामा (हि. कि० ) ताननेके काममें किसी दूसरेको ३ पकड़ कर खड़ा होना। ४ अभिमानमे ऐठना। लगामा । सनपात (हि.पु०) तनुपात देखो। तनाव (हि.पु०१तननेका भाव या क्रिया। २ तमपोषक ( वि. वि. ) स्वार्थी, खुदगरजा । .. धोबीके कपड़े सुखानको रस्सी । ३ रज्ज , सम्मो, डोरी। तमबाल (H• पु.) १ जनपदविशेष, एक प्राचोन देशका तनावल-उत्तर-पथिम मोमान्त प्रदेश के अन्तर्गत माम । २ उस देश के निवासी। हजार जिला प्रधान एक पार्वत्य जनस्थान है। यह सनमय ( विवि०) तन्मय देखो। पक्षा० ३४ १५ तथा ३४ २३ उ० पौर देशा• ७२' तनमानसा ( म० स्त्री०) जानकी सात भूमिका में ५२ तथा ७३१० पू० मिन्धु नदोके पूर्व किनारे पर तोमरी भूमिका । पवस्थित है। उत्तर-पश्चिमको पोर मिगन नदो बातो सनय ( स० पु. ) तनोति विस्तारयति कुल' तन कयन् । है। अकबरके शामनात काल में य मफजायके निवासो बलिपलितनिभ्य: कयन् । उण :१९९। १ पुत्र, बेटा। . पठानोंने तनावलको जीता था और अब भो म प्रदेश के जन्मलग्नमे पाँचवा स्थान । किमी किमो भागमें अफगानोंका निवासस्थान देखा . तनय-चन्द्रवंशी राजा कुशके पुत्र । जाता है। दुनियों के समयमें यह कुछ दिनों के लिये सनया (म स्त्रो०) तन्य-टाप । १ कन्या, बेटी । २ नक्र नाममात्र हो काश्मोरके अधीन था। तनावल के कुल्यालना, पिठवन लता। ३ वृतकुमारो, घोकुवार, निवासीही रस प्रदेशके प्रकस शासनकर्ता है। ये बारपाठा। ४ लष्णतुलसी। मुगलोकी शाखान्त है। तनावल-निवासो पुलाम्न तमयिन (स' पु०) तन गब्द तन-इन पृषोदरा० साधुः । पौर हिन्दवाल-दो श्रेणीमें विभता है तथा वर्तमान १पयनि, बिजली, वच्च । २ मेघ, बादल । . तनावल सेट हिन्दवाल तावलियों के वासस्थान पोर समराग ( पु.) तनुराग देगे। .. उनके अधिकत खानोंसे गठित।