पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/२९६

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२६५ पाया था ।पुरकी तमामू देगीय लोगीको बहत 'प्रिय । जेठ या संमाकूको पूस माध बोते और बरसात में काटते है। है। उस जिले में रमको खेतो पाज का धान या सनकी, दरभङ्गामें ही तमा को खतो ज्यादा है। बिहुत पौर समकक्ष हो गई है। प्रति वर्ष ४०५० मग पा कर बाजपुरको समापूको ही हम प्रदेशमै पच्छी समझो मब समाकू खरोदत और कलकत्त, नारायणगा. चट जाती है। इसके पत्ते खब बड़े होते है । मम्भवत: यहो ग्राम और ब्रह्मदेशको भेजते हैं। रमका अधिकांश हो: नगक कलकत्त को सरफ 'मोतिहारो तमाङ्कके नामम बाय और कलकत्ते में वर्माचुरट' बनाने के लिए व्यवहत प्रसिद्ध है। होता है। यहाँ प्रति बधिमें लगभग ३४ मन तमाकू, डम देशम प्रति बीघाम लगभग ६१७ मन उत्पन्न होती है और ६, ७ रुपये मन बिकता है । मग तमा पेदा होतो है। किन्तु सर्वोत्लष्ट तमाकूका लोग ब्रह्ममें चुटके लिए तमाङ्क छॉट कर लेते है। खद' मूल्य ५, मनसे अधिक नहीं होता। इधरको तमाफू चाई, मोटे और मोठे-कड़े पर्स वे, मनके भावमे भी हो नेपाल, गोरखपुरमें रेल और नावोंसे युक्तप्रदेग खरोट लेते हैं। यहाँ मबमे उमदा तमाकू के पत्ते हाथाक : अन्यान्य स्थानोम पहंचता है। किसा किमी जमीन पर कानकं समान होते हैं और "हाथोकान" नामर्म हो परलो फसन्नमें २० मन और दूसरो फसलमै १५ मन तक उनको प्रमिचि है। मग लोग इम तमाकूको हो अधिक उत्पन्न होती है। किमो किसो जमीन पर ३१४ बार पसंद करते हैं । कोचविहारको तमाकू भो बहुत उमदा भी फसल होती है । यहाँ बिहुतके अन्तर्गत पूसा नामक होती है। २४ परगना और नदोयामें जितनी तमान स्थानमें 'ग्रे जनि नोन की कोठोकी तरह तमाकूको पंटा होती है, वह स्थानीय लोगों काममें हो पाती है। कोठी बनाई है। उनकी खेतो बहुत अच्छो होतो है । बारामत, बनगाँव और रानाघाटमें जो तमाकू पैदा ____बम्बई । इम प्रदेश में प्रायः १०१४६१ बोधमें तमाकू होती है, उमसे कुछ रफ्तनी भी होती है। । पैदा होती है। खेड़ा और ग्वानदेशको तरफ हो गोबरडाँगाके निकटवर्ती गाइघाटा थानमै शह माल · तमाकूको खेती ज्यादा है। खेड़ा और बलगांव जिले में दूरी पर यमुनाक पश्चिम किनारे रिङ्गाली ग्राममें जो . गस्यरूपमें नमको पावादा है। गुजरातमं एक तरहको समान होती है, वही बङ्गाम्नमें रिजाली नामने म । उमदा नमाकू होतो है, जो युक्त प्रदेशको भेजो जातो पेक्षा प्रसिद्ध और उत्कृष्ट ममझो जाती है। रानाघाट: है। पारस्य देशोय मिराजो और अमेरिकाको हाभाना, ओर बारामतको तम्बाकू भो हिलोकं नामसे चलती मेरोलेण्ड आदि तमाक इस देशम पैदा होता है। है। अमली हिङ्गाली ग्राममें उत्पन्न तमाक परिमाणमें : भड़ौच जिले में इनकी पावादो ज्यादा है। यहाँको थोड़ी होती है। सुना गया है. कि हिङ्गलो ग्राममें १३ : तमाकू अधिकतर मरिचशहर और बोरबी होपमें भेजा शोधा मात्र जमीनमें इसको खेतो होती है। हिली. जाती है। समाकृ ५से ८) मन तक बिकतो है। मन्दाज--इस प्रान्तमें २६३५८० बोघा जमोन पर आसाममें --तमाक बहत कम पैदा होता है. किन्त । तमाकूको फमल होता है, जिसमें शणा जिले में ही इस यहाँके मिशमी और परख जातिके स्त्री-पुरुष मात्र हो। को खेतो ज्यादा है। तमा के प्रेमी है। वे प्रायः बिमा हुक के निकलते ही गोदावरी जिले की 'लातमाकू के सिव दिन्दिगुल महो । यहाँ बङ्गालमे समान पाती है। पार्वत्यजातिया ! और विचिनापलीको समाक ने भी ग्लण्ड में स्थाप्ति अपने काम के लायक थोड़ी समाकू बोत है। कुकी लोग लाभ का है। इससे पुरुट बहुत उमदा बनती है। इंक को लकड़ोको चबा कर नया करना पसन्द करते हैं। इस देश प्रेजोको पेषोल दो प्रकारको तमाकू बिहारमें- गङ्गानदो के उत्तरकूलमें तमाकूको रखती हो ज्यादा पसन्द है। दिन्दिगुल-तमाक का व्यवहार होती है। यहाँ तोन प्रकारको समाकू पैदा होती है- बहुत ज्यादा है। मसलोपत्तनकी तमाक नस्यके लिए देश वा बरको, विलायतो वा बालकतिया पौर जलया। प्रतियहाँको मास प्रथिवी मरमें प्रचलित है। .