पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/३११

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विनि । अस् मायामेधान जो विनिः । पा ५॥२॥१२१ । १ वेगयुक्ता, खर्च चलाने के लिये एक प्रकारका गृह-कर पसल तेज । २ शूर, वीर, बहादुर । ( पु० ) ३ गरुड़ । ४ वायु । किया जाता है। तरह (प. स्त्री० ) १ प्रकार, भॉति, किस्म । २ रचना. सरहल (हिं० वि०) १ प्रधान । २ पराजित, जीता हुआ। प्रकार, ढॉचा, बनावट । ३ प्रणालो, गति, तर्ज । ४ युक्ति, तराँव-बुन्देलखण्ड में पोलिटिकल एजेण्ट के अधीन एक उपाय। ५ अवस्था, हाल, दया। चौबे जागीर। भूपरिमाण २६ वर्ग मोल है। १८१७ तरहटी (हि. स्त्री०) १ नोची भूमि। २ पहाड़ को ई में कालिञ्जरके रामकष्ण चौबिका राज्य ५ भागाम तराई। विभक्त हुआ जिनमेंमे सरोव उनके चौथे पुत्र गजाधरके तरहदार ( फा० वि०) १ जिमको बनावट पच्छा हो। लड़के गयाप्रसाद चौबेके हाथ लगा। वर्तमान जागोर- २ शौकीन, मजघजवाला। दारका नाम चौबे ब्रजगोपाल है। यहाँको लोकसंख्या तरहदारी फा० स्त्रो०) सजधजका ढब । प्राय: ३१७८ है। इसमें कुल १३ ग्राम लगते हैं। राजस्व तरहा (हि.पु.) १ एक हाथको माप जो प्रायः कुत्री १००००) रु०का है। खोदने में आतो है । २ एक कपड़ा। इस पर मट्टो फैला तराई (हिं. स्त्री० ) १ पहाड़के नोचेका वह मै दान कर कहा ढालनका मोचा बनाया जाता है। जहाँ तरो रहती है, पहाड़के नोचेको भूमि । २ पहाड़ को तरहवान-यक्त प्रदेशमें बाँदा जिले का एक प्राचीन शहर। मजके म जो छाजनमें खपड़ों के नीचे दिए यह चॉदा नगरमे ४२ मोल पर्वमं पयोष्णो नटोके निकट जाते हैं। अवस्थित है। यह शहर धो धोरे ध्वम होता जा रहा तराई-१ हिमालय पहाड़के मोचेको भूमि या उपत्यका। है। यहाँ एक दुर्ग है, वह भी वावस्थाम पड़ा यह मब जगह एकमी नहीं है, क्रिमा जगह १० और किमो है। कहा जाता है, कि प्राय: २८० वर्ष पहले पन्नाके गजा जगह ३० मोल चोड़ी देखो गई है। यह एक प्रकाण्ड वमन्तगयन हम दुर्ग का निर्माण किया था। इम दुग में वनभूमि है। अयोध्या में आमाम तक यह रिमालय १ मोल लम्बा एक मुरङ्ग था । सरङ्ग हो कर पहले लोग मेग्वलारूपमें विस्त त है। हम वन-भागमें शान और आते आते थे। अभी यह रास्ता मम्म ण रूपमे बंद कर शोशमक वृक्ष बहुत पाये जाते हैं। काफो और कोसो दिया गया है। ६ हिन्दमन्दिर प्रौर ५ ममजिदं शहरमें नटोमें बहा कर उक्त का प्रत्यत्र लाये जाते है। विद्यमान हैं । राजा वमन्तराय के बाद रहिमवाने नवाब- नेपालको तराईको मोरङ्ग कति हैं। तराईको को उपाधि तथा तर हवान राज्य प्राप्त कर यहाँ मुसल मट्टाम बान्नू, ककड़ और पत्थर मिले रहते हैं। पर्वतके मान उपनिवेश म्यापन किया था । पेयवा रघुभाईके पुत्र निकटवर्ती भूभागमें बड़े बड़े पत्थर देखे गये हैं। अमृतराव यहाँ वाम करते थे। १८०३ ई० में वृटिशगव- मिकिन पर्व तमे २० मोल दक्षिण तकको जमीन में गटन उन्हें तथा उनके पुत्रको वार्षिक ७०००००) रु० ककड़मय है। को वृत्ति स्त्रोकार को और वे तरहवानमं रहने लगे। इस प्रदेशम पायुग्न नामक एक प्रकारका रोग देखा यहाँ उन्होंने एक छोट। जागोर भी पाई थो । अमृतराव- जाता है। वर्ष में ८।१" मामा यद व्याधि अत्यन्त के पुत्र विनायकरावको मृत्य होने पर सटिश-गवर्मण्टन प्रवल रहती है । इभ ममय कोई भी तराई-भूमि पति- उक्त वृत्ति बद कर दी। इस पर उनके दो दत्तक पुत्र क्रम नहीं कर सकता है । यह तराई खामा पहाड़के उत्तर- भारायणराव तथा मधुराव विद्रोही सिपाहियोंके साय में ब्रह्मपुत्र नदी तक ६० मोल विस्त त है। यहाँ बहुतम मिल गये । नागयणरावन १८८० ई०को बन्दी अवस्था में अच्छे अच्छे पड़ पाये जाते हैं । पोलके अन्तम नवम्बर प्राणत्याग किया। मधुरावका दोष समा कर वृटिश-गव तक यदि कोई यूरोपीय इम प्रदेश में किमी ममय निट्रा- मेण्टने उन्हें ३०००) स.को वृत्ति खोकार की। वस्थाम रहे तो वह निश्चय ही मृत्य मुखमें पतित होगा। इस शहर में एक विद्यालय और एक बाजार है। सितम्बरमासमें तापमानयनम पारा ७७ से८० और नवम्ब- यहाँके पथ, घाट प्रभृतिको परिकार रखने तथा पुलिसका रमें ७५ से ७७ पर्यन उठता है। नेपाल राज्य के प्रधान