पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/३३

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सो-टिंचर आयोडीन ७७ ई. में ) टासोका स्वास्था बहुत ही बिगड़ने लगा।। पागल कनिमें अवस्थिति एक ममस्याका विषय हो जाता राजसभाके लोग इनके विरुद्ध नाना प्रकारके षड़यन्त्र है। हाँ, इतना अवश्य खोकार करना पड़ेगा कि टासो- चने लगे। इस ममय टामो उन्मादाय हो गये थे। में यथेष्ट विचार बुद्धि रहने पर, जनसमाजको वे परवार उन्हें सर्वदा ऐसा मालूम होता था, कि फेराराक डिउक म करते थे। टासोने राजसभामें रह कर इतनी तकलीफ शायद उनको हत्या करेंगे। एक दिन ये किसानके पाई थी, तो भी उन्होंने अपने दोनों भानओको पार्मा बेषमें पैदल ही अपनी बहनके घर पहच्चे। और मण्ट पाके डिउकको नौकरी दिला दो। इसके कुछ दिन बाद फिर इन्हें फेरारा लौटमको १५८६ ई.में मण्ट पाके डिसकके अनुरोधमे ये आजा मिलो। परन्तु इनका रोग उपशम न हा। उन्मादागा से छोड़ दिये गये। रजारा लोगोंने इनको १५७८ ई में ये फिर भाग गए। मेप्टेम्बर माममें नाना! अभ्यर्थना को। इसके बाद ये कुछ दिन मण्ट पामें रहे देश में घूमते हुए ये पैदल ही टरिन नगरके तोरण पर भोर फिर माना स्थानों में घूमने लगे। किसी भी जगह जा पहुंचे। सेभाय के डिउकन इनका बड़ा पादर ये स्थिर न रह सकते थे। जहाँ जाते थे, वहीं इनका सत्कार किया। इसके बाद टामो जहां आने लग, प्रादर होता था। परन्तु ये इस तरहका अत्याचार करते वहीं उनका सम्मान होने लगा। परन्तु थोड़े ही दिनां थे, कि घरके मालिकोंको इन्हें अन्यत्र भेज देने के लिए में ये समाजसे नागज हो गये और फेराराको लोटनके बाध्य होना पड़ता था, इस तरह अन्तिम अवस्था में लिए पत्रव्यवहार करने लगे। फेराराक डिउक जिभ प्रतिभाके वरपुत्र महाकवि इटलीके उपहास-पात्र समय तोमरी बार अपना विवाह कर रहे थे, उस ममय हो गये। टामो फेगरा पहुंचे। परन्तु यहां वे, अपने प्रवहमित १५८२ ई० में अष्टम ले मेण्ट को पोपका पद मिला। ममझ, तना उपद्रव करने लगे कि मवर्ग मिन कर क्लेमेण्ट और उनके भसोज टासोका पादर बढ़ाने के लिए एक उन्मादागारमें भेज दिया। १५७ माचमे तसंकल्प हो गये। १५८४ई में उनके प्रामवण के पन लगा कर १५८६ के जुलाई मास तक इन्ह उम मार रोम पहुंचे। टामो रोममें कविसम्राट का मुकुट पागलखाने में रहना पड़ा था। ग्रहण करेंगे ऐसा प्रस्ताव हुआ। किन्तु पोपके भतोजेके कुछ महीने यहाँ रहने के बाद हो, इन्हें बन्धवान्धवा. ब'मार हो जाने के कारण वैसा हो न सका । पोप साहब. के पाने पर उनके साथ माक्षात करने और पत्रव्यवगर ने टामो के लिए मुमहरेका बन्दोवस्त कर दिया पौर करनको अनुमति मिल गई । इस समय ये नाना प्रकार उनको पैत्रिक सम्पत्तिसे कुछ प्राय उन प्राश हो, ऐसी की रचमानोंमें मशगुम्न थे । इन दिनों ये कविता अधिक व्यवस्था करा दो। रासोके शाखाभियान जीवनमें पानन्द- का क्षोण प्रकाश दिखलाई दिया। न लिखते थे, किन्तु दार्शनिक पालोचनाका विषय लिया करते थे। उन्मादागारमें भेज देने पर भो, इटालि के लोग १५८.५ ई०, तारीख २५ अमोलको मेण्ट प्रोनोफ्रिी- में टामोकी मृत्यु दुई। उस समय इनकी उमर ५१ इमको रचनाको कदर करते थे । १५८१ ई० में जेरुमालेम वर्ष की थी, परन्तु इनको पन्तके बीस वर्षोंकी रचनाओं काव्यके सम्म गर्ण भाग छप कर प्रकाशित हो गये, परन्तु में विशेष कुछ प्रतिभा दृष्टिगोचर न हुई थी। टासोने प्रकाशकोंने इनको अनुमति न लो और न संशोधन करन। को ही जरूरत समझो। एक वर्ष के भीतर इस ग्रन्यके अपने जोवनमें बड़े बड़े दुःख पाये थे। यही कारण है सात संस्करण निकल गये। १५८५ ई० में फ्लोरेन्सके दो कि पाज हम उनका उल्लेख करते हुए भी सहानुभूति और प्रोति प्रकट किया करते हैं। विधान "जैक्सालेम में नाना प्रकार के दोष दिखाने लगे। रिचर ( पु.) स्पिरिटके योगसे बना हुआ किसी विन्तु टामीने इन प्रतिवादोका उत्तर ऐसे भद्रभावसे और औषधका सार । सयत भाषामें दिया था उसे पढ़ कर हम उन्हें किसी टिचर पायोडान ( . पु. ) व लोह के सारका अके तरह भी पागल नहीं समझा सकते। फलत: टासोको जो सुजन पर लगाया जाता है। Vol. Ix.8