पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/३३६

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


तलमीन-लसाने तलमीन (म. पु० ) तले जलनिम्ने स्थिती मीनः । जन- तलव (सं० त्रि.) तल रस्तादि तलं वाति निन्ति वा-क। निम्नस्थित मत्मा, झींगा मछली। तलवाद्यकारक । तलम्ब-पञ्जाब मुलतान जिले के अन्तर्गत कवीरवाल तह नलवकार ( म०ए० ) १ मामद की एक शाखा । २ एक सोलका एक शहर । यह अक्षा० ३०३१ उ० और देशा० उपनिषदका नाम । ७५१५ पू०. मध्य मुन्नतान शहरसे ५२ मोल उत्तर- तलवा (Eि पु० ) पर नाचेका भाग। पूर्व में तथा चन्द्रभागा नदीक बायें किनारम २ मोनको तनवा -भागलपुर जिनका एक कोटी नदी। पहले यह दूर्ग पर अवस्थित है । शहरमें म्य निमपालिटा है । लोक नदो बहन बडो थो। स्थान स्थान पर इसका प्राचीन गर्भ मस्या प्रायः २५२६ है। देखा जाता है जिमको चौई नगभग १५१ २४ ___ शरमे १ मौन दक्षिगामें एक प्राचीन दुर्ग था। उम चेनको है। ग्वनसे मालूम पड़ता है कि प्रभो जित दुर्ग को ईटांमे तनम्न के कई एक गजभवन बनाये गये स्थानमे तिन्लजगामें जन अता है, पहले उमो स्थानसे दूम है। दुर्ग की ईट प्राचीन मुन्न तान की अट्टालिकाको ईटभी नदों में जन्न पाता था . वर्षा ऋतु के बाद यह नदी कहीं हैं। बहुताका मत हैं, कि अलेकमन्दर हमी स्थान पर कहों सूख जातो है। नदोगर्भ स्थ शुष्क स्थानमें फसल चरभागा उत्तीर्ण हुए थ और यहा उन्होंने ममियोको उपनाई जाता है । मट्टो पंकमे आच्छादित रहने के कारण पराजित कर डम प्रदेश पर अधिकार जमाया था यह फमन भी खच लगता है । यह नदो निःशङ्कपुरकूरा पर प्रदेश एक बार महमुद के भी हाथ लगा था। तैमूरन गन के पश्चिमका और श्वास्ति। वर्षा कालम मोनवर्षा भारतवर्ष में आ कर तनम्बको लूटा तथा अधिवासियारो ओर बैजनाथपुर तक बोझमे भगे हुई नावे आती जातो हत्या को. किन्तु टुग नष्ट नहीं किया। है। यह नदो पान और लारन माय मिली है। तलम्बम अनेक ध्वमावशेष देखे जाते हैं। कहा जाता तलवार हि स्त्रो० ) १ वन कपागा । असि, खन देखो। है, कि महमुद लङ्ग के ममय (१५१०-१५२५) में चन्द्रभागा २ मोडा तयार करने लिये जिम हँमियम गुल्मादि नदाको गति परिवर्तित हो कर यह स्थान परित्यक हो कता जाति हैं, उने भो तलवार हत हैं । गया है। यहाँका विस्तीर्ण ध्व'मावशेष एक नगर मरीखा लवारण (मं .) ले बालले वाग्यति वारि ल्यट । दोख पड़ता है; ज' दक्षिणको ओर ऊंचे दुर्ग सुरक्षित १ ज्याघात व रणाथ हन्ता नवल वर्मभे , वह कवच है। बहिर्भागका मट्टोका प्राचार २०० फुट मोटा और जो धनुषको डोरा आघात अचन के लिये हायके तले २० फुट ऊँचा है। हम प्राचौरके ऊपर प्रायः ममान बाँधा जाता है । २ खड, तलवार । ३ म्यन ।। ऊँचाईका एक दूमग प्राचार देर में आता है। पहले तलमान-ब:ई प्र. के काठियावाड़ विभागमें झाला दोगका मम्म खभाग बड़ी बड़ी ईटम ममाच्छादित वारका एक छोटा गया, इसमें ७ छोटे छोटे ग्राम लगते हैं। भूपरिमाण ४६गमोल पार गज्य की प्राय प्रायः वर्तमान सलम्ब ग्राममें एक पुलिस, एक डाकघर, १०५:० रुपये की है जिनमे १०५२, रुपये वृटिश एक स्कल, एक चिकित्सालय और एक सराय है। ये मर र को पार जनागडकै ननावका देने पड़ते है। मज क अट्टालिका मध्य अवस्थित है। लोकमख्या प्रायः १६८१ हैं । यहाँक राजा झाम्नाराजपूत ___शहरसे प्राय: मोल दक्षिण-पश्चिममें एक छाबनो वशोद्भव हैं। स्थान और एक सुन्दर कूप है। बम्बई बरोदा और मध्यभारतीय रेलपथको वड़वान ताजयुद्ध ( म. ली. ) तलस्य चपेटस्य श्राघातन युद्ध। शलाक लावतर टेसनमे ११ मौल दक्षिणा पूर्व में तलसान चपटाघात हारा युद्ध, मुका-मुक्कोसे लड़ाई करने की ग्राम अवस्थित है। प्रतिकमागर्क मन्दिर के लिये यह क्रिया। ग्राम विशेष प्रमिच है । काठियावाड़ में मयं पूजा जो मम तमलोक (संपु०) समस्थो लोकः, मध्यपदलो । पाताल। निदर्शन पाये जाते उनमेंसे यह एक है।