पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/३४

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टिपर ओपियाई-टिकारी टिचर भोपिया (अ.प.) कोमका है। फैलाया जाता है। यह कपड़े की चौड़ाव समान र टिचर काडिमम ( पु.) इलायचोका पर्क। सकता है। टिचर स्टोल ( . ० ) फौलाद के सारका पर्व। टिकड़ा (हि'. पु.) १ किसो वसका चनाकार सुद्ध, टिड (हिं पु० ) एक प्रकारको बेल। इसमें ककड़ोके चिपटा गोल टुकड़ा। २ एक तरहकी मामूली रोटो। जैसे गोल गोल फल लगते हैं। फल सरकारी काममें टकड़ी (हिस्सो .) छोटा टिकड़ा। भाता है। टिकना (हिं त्रि०) १ ठहरना. डेरा करना, मुकाम टिंडा (हिं० पु. ) टिंड देखो। करमा । २ तलछटके रूपमें नोचे बैठ जाना । ३ स्थायो टिंडर (हि. पु० ) रहटमें लगी हुई इंडिया। रहना कुछ दिनों तक चलमा। ४ खित रहना. ठहरना, टिंडमी (हिं. स्त्री०) टिड नामको तरकारो। इधर उधर न गिरना। टिंडो (हि.स्त्री० ) १ हलको पकड़ कर दवानवाली टिकली (हि. स्त्रो०) १ छोटो टिकिया। २ एक प्रकार. मुठिया । २ जाँता घुमानका खूटा। की टिकिया जो काँच या पबीको बनो होती है। स्त्रियाँ टिक (हि.पु. ) टिक्कर, लिटा, पूषा। श्रृंगार करने के लिये इसे अपने ललाट पर चिपकतो हैं, टिकई (हि स्त्री०) वह गाय जिसके माथे पर सफेद मितारा, चमको। ३ छोटा टोका, छोटो बेंदो। ४ एक टोका हो। प्रकारका पोजार जिससे सुत काता जाता है। टिकट ( पु.) १ प्रमाणपत्र के रूपमें टिये जानका टिकम ( पु० ) कर, महसुल । कागजका टुकड़ा। यह किमी प्रकारका महसूल, भाड़ा. टिकाअ (हि. वि० ) कुछ दिनों तक काम देनेवाला, कर या फीस चुकानेवालेको दिया जाता है। २ अधिः टिकनेवाला। कारपत्र जिमके हारा मनुष्य कहीं आ जा मकता है।३ टिकाना (हि. स्त्रो०) १ टिकने या ठहरनेका भाव । २ किमी कार्यकर्ताओं के अपर लगाये जानेका कर, फीस ठहरनेका स्थान, पड़ाव, चही। या महमूल। टिकाना (हिं.क्रि.) १ निवामस्थान देना, ठहराना। टिकटिक ( हिंस्त्रो०) १ वह शब्द जो घोड़ोंको हाँकनेके २खित करना, अड़ाना, ठहराना। लिए मुंहसे किया जाता है । २ घडोके बजनेका शब्द । टिकानी (हि.स्त्रो० ) पैंजनी डाल कर रस्मोसे बांधो टिकटिको (हि.स्त्रो०) १ लकड़ियोका ढाँचा जो सौम आनेकी छकड़ा गाडोको लकड़िया। लकड़ियोंको तिरको करनेसे बनता है। इससे अपराधि. टिकारी गया जिलेके अन्तर्गत एक जमौंदारो। यह योंके हाथ पैर बांध कर उनके शरीर पर बेत या कोई अक्षा. २४५६ उ० और देशा० ८४५० पू०के मध्य लगाये जाते हैं। २ अंचो सिपाई, टिकठी। मारे गया नगरोसे १५ मोल उत्तर-पश्चिममें मुरहर नदोके भारतमें मिलनेवालो एक प्रकारको चिड़िया। रसको किनारे पवस्थित है। लोकसख्या प्रायः ५४३७ है। लम्बाई लगभग पाठ नौ अंगुलका होती है और इसका यहां म्य निसपालिटो है। प्रति अधिवासोको तीन रंग भूरा और कुछ लालो लिए होता है। जामे यह पानेके हिसाबसे टैक्स देना पड़ता है। प्रायः जलाशयों के किनारको झाड़ियोंमें घोसला लगतो यहाक महीका दुगं सखयोग्य है। शव के पास है। यह एक बार में चार बडे देती है। मनसे नगरकी रक्षा करने के लिये टिकारी-राजापोंने इस टिसाठी (हि.सी.) १ टिकटिकी देखो। २ एक तरहको दुर्गको बनाया है। दुर्गप्राचौरको मोरचा तोप रखने. जपी तिपाई। इस पर अपराधियोको खड़ा करके उनके का स्थान पर चारों ओर नाला कटी हुई। गले कांसोका फंदा लगाया जाता है। ३ तोल बचे इतिहास ।-यांका राजशपत्यन्त प्राचीन नहीं ५ पारामागे हुए काठका सामन, सिपाई। ४ दो खड़ि । नादिरशाहके पाक्रमणके बाद मुगल-पास को मौका बना पा ठाँचा जिस पर बुना हुमा कपड़ा विनाला धन हो जाने पर बरमान राजवपके पूर्व