पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/३५१

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लॉतियाभील (तात्यामील) ३४७, जेलसे छुटकारा पा कर प्रबको बार वह जो इसे पकड़ न सको, तापनग्योपाय हो कर उसको पक- गज्यमें न रह कर होलकर राज्यमें शेवा नामक ग्राममें बने होलकर-राजमे सहायता मांगनो पड़ो। होलकर. रहमे लगा। . राज भो घटिश पुलिस के साथ एकमत हो कर उमके अनु- म समय फिर वह पूर्वोक्त षड्यन्त्रकाग्यिोंके षड़ सन्धानमें प्रवृत्त हुए। यत्र में पड़ गया। इस षड़यन्त्र पार जेलक कठोर व्यव- नौसियाको पकड़ने के लिये पुलिस जितना प्रयत्न करने हारने ही तौलियाको डाकू बना दिया, उसके दस्य हत्ति लगो, उतना ही उसका पकड़ना उनके लिये कठिन होने ग्रहण करने में य से प्रधान कारण था । षड्यन्त्रका हाल लगा। इस ममय सिर्फ भीम्स ही तातिया के दल में न थे, माल म पड़ते हो तोतियाने वह ग्राम छोड़ दिया और कोरकू पौर बनजारोमिसे भी बहुतमे पा कर उसके दलको एक जगहमे दूसरी जगह, एक जालसे दूमरे जङ्गलमें बढ़ाने लगे। धूम फिर कर एक वर्ष काट दिया । इस ममय जोखिका सातियाको न एकड़ सकनका प्रधान कारण यह था, निर्वाह के लिए उमको कुक कुछ चोगे और डकैतो भो कि वह दरिद्रों का पिता पौर विषयका एकमात्र पाश्रय करनी पड़ती थी। दाता था। तातिया जिस ग्राममें लट करता, उमी खड़ो जाग्राममें बिजनिया नाम का ताँतियाका एक गाँव दरिद्रोंको मक्कं मामन ममाम भावसे बटवारा विश्वस्त मित्र था, उममे तांतियाको षडयन्त्रके विषयको कर देता था। बहुत कुछ वीज मिला करतो थो। तातिया हिम्मत बालक, ब्राह्मण और स्खो, ये तीन तो तांतियाके लिये पटेल आदि कछ षड़यन्त्र कारियों के षड़यन्त्रसे पुनिमर्क विशेषरूपसे दोषी होने पर भी वह उनका किसी तरह हारा फिर पकड़ा गया। अनिष्ट न करता था। उसके साथ बिजनिया और दोलिया ये दोनों भी पकड़े। जिन गुणों के कारण उम प्रदेशको दरिद्र प्रजामडन्नो गये। म हाजत-घरमें तांनिया के अनुचर भोल-कै दो। तातियाको विशेषरूपमे पादर करता था, वे गुण उमने १०.वे द्वाजत-घरमे मध काट कर निकल पाये और डाक होने के बाद नहीं मोखे थे। बचपन से ही उसके पहोवाले को कह कर चन्न दिये। उदयपट पर उन गुणोंका प्रक्स पड़ा हुआ था। सोतिया अपने दल बल के साथ जनमे निकल कर सॉतियाको पकड़नके लिये गवमेण्ट गथि राशि पर्थ ६ घण्टा लगातार चन्ना, ३० कोम चल कर मब निरापद ___ व्यय करने लगो, होलकर महाराजक बहुतसे विश्वस्त हुए और गले को लोहेकी बनी हंसुला भादि तोड़ डाली कर्मचारी और सुदक्ष पुलिस, कोई भी. कतकाय न हो जिन लोगोंने तातियाके विरुद्ध षड़यन्त्र रचा था, ममय सके। तोनिया इमो तरह कभो परजो राज्यमें और पा कर अब उनको वह उपयुक्त सजा देने लगा। इसो कभी होलकर राज्य में जा कर दुष्टांका दमन करने लगा। सरह तातिया कंजूमका माल ल ट कर गरीबोंको बौटता मी ममय तांतियाका दाहिना हाथ दौलिया पाड़ा था, जो प्रवके अभावसे भूखा मारा फिरता था, उमे गया और हमेशा के लिये उसे काले पानीको मजा हुई। तांतिया बहुत रुपये देता था । कंस वा दुर्दान्तक निये ताँतियाने बहुत डकैतो करकं न मास म क्या सोच कर- तो ताँतिया यमक ममान था। कुछ दिनों के लिये सौम्यमूत्ति धारण कर लो। जिस जिस आदमोन सॉतियाके विरुद्ध षड़यन्त्र किया तौतियाने रन ५ वर्षों में इसमी डकतियां की थी, धापौर उसको पुलिस के हाथ पकड़वा दिया था, उन कि जिसका वर्णन असम्भव है । उसके हारा यथाशमसे सबको उसने विशेषरूपसे दण दिया। उनके घर हार बड़ो बड़ो ४०० प्रमिड डौतियाँ ही थौं । कभी पुलिसके जला दिये, धन सर कर गरीबोंको बाँट दिया। पुलिस मामले पौर कभो पुलिसको प्रसारित करके ये डकैतियाँ मरसको पकड़ने के लिए बड़ी बड़ी कोशिओं की, पर की गई थी। उस समय ताँतियाने कुछ पुग्लिम-कम- सबब पुलिस अब सैकड़ों बार कोभित करके चारियों को नाक कार सीधी। इस समय तालियाको