पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/३८२

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३७८ वादित हए होंगे इटली के युवक नि ना तेम्लाने इस प्रनत जाता है । जरासे धातुमय पिगड़ को सहमा चोम्बक प्रदे घटनाका आविष्कार कर लोगोको आँखोंमें चकाचौंध गमें ठेल टेनमे उसमें काफी प्रवाह पैदा नहीं होता नगा दिया है। है। सिर्फ उमके ऊपरमे थोडासो बिजलो इट आतो है। डारनामो । - चाम्नक प्रदेशमें ताँबे के तारको संजोसे उमके ऊपर एक बिजलोका धक्कामा लगता है। यह धक्का घुमान पर पुष्ट पार उग्र ताड़ितस्रोत उत्पत्र होता है। उसका गात्र भेद र जितना भोतर प्रवेश करता है, पष्ट का अथ परिमागा में अधिक और उग्रका अर्थ उड़,तिमें उतना हो तोण हो जाता है और उसके प्रवेशका वेग ऊँचा होता है । क्लाक , मा इमेनम, ग्राम, एडिमन प्रादिके जल्दो घट जाता है। और यदि एक धक्के के बदले पुनः बन दा विविध प्रकार के डाइनामो आजकल विविध पुन: मकगइम हजार बार या लाग्व बार, एक टफा इस सायाम व्यवहृत होते हैं। चौबक प्रदेश विभिन्न तरहमे तरफ और एक दफा उन्न तरफ धक्का लग, तो वे धक प्रस्तुत होता है। कहीं कहीं बड़े बड़े प्रतापशालो प्रवेश करनमें अममय जाति हैं । हक प्रवेश करनके पहले दम्पात के चुम्नक व्यवहत होते हैं । कहीं कहीं बैटगे हो वे नष्ट हो जाते वा उत्ताप रूम परिणत हो जाते ताहितप्रवाहको बहत् लौह पिण्ड पर लपेट कर, उम हैं। लाहको पराकान्त चुचकरूपमं परिणत किया जाता है। ताडितपवाहका आन्दोलन वा म्पन्दन-डाकगे बेटगे. त्रिविशेषम तार घुमा कर जो प्रवाह उत्पन्न हो रहा है में बहुतमे डाइनामाम, रूपकफ के वा तैमलाक यन्वमि उमोका कुछ अंश वा अधिकांश वा पूरा लौपिगड पर ताड़ित का इक ताफा सत नहों बहता; एक बार लपेट कर चुम्बक बनाया जाता है। प्रवाह कमगः पूत्र इस कोरका श्रीर एक बार म छोरको और बहता है। जाता है, चकका प्रभाव भी उतना हा बढ़ता है। प्रवार पास्तवम प्रवाह आन्दोलिन वा म्पन्दित होता रहता है। गावचुवक टाना हो क्रमश: प्रचन्न होकर एक दूपरे अबतक मनको धारणा श्री, कि ताडितका एका एक पार भो प्रवल कर देते हैं स्फलिम एक एक धक्का मात्र है। प्रत्ये क म्फ लिङ्गके साथ नगरके गजपा को आलोकित करने के लिए ट्राम एक एक धन-ताड़ित एक तरफ और एक ऋण ताड़ित गाड़ो चलाने के लिए तथा अन्यान्य बड़े बड़े कया। दूमग टरफ महाग चन्ना जाता है। किन्तु फिलहाल सम्पादन करने के लिए डानामोरि ताड़ितप्रव! : उपत्र निश्चित इा है कि यह एक फलिङ्ग मिफ धक्का नहीं। f' या जाता है । इन डाइनामोकि तारांका वेग घुमने वल्कि यह भी एक अान्दोलन मात्र है। लोडेन जार वा के लिए वाप्पीय एञ्जिनको जरूरत पड़ती है। छोटे कोटे ताड़ित यन्त्रमें 'क'सेव' की तरफ एक पृष्ठसे अन्य पृष्ठ डाइनामो हाथमै घुमाय जा मकते हैं । जिम डाइनाम पर थोड़ा धन ताड़ित महमा वायुभेद कर चला गया, इत्यातक म्यायो चुचक द्वारा चौंबक प्रदेश उत्पन किया जिसमे स्फलिङ्ग उत्पन्न हुपा; एक क्षणिक आकस्मिक जाता है, उमको डाइनामो न कह कर बलिक माग्नेट। उग्र प्रवाह उत्पन्न हुा। ऐमा अब तक विश्वाम था । यन्त्र कहते हैं। डाकरो बैटरो छोटा माग्ने टो मा किन्तु वास्तवमें ऐमा नहीं है। धक्का एक बार इधरसे । एक इस्पात के चुंबक पास तार घुमानेसे जो प्रवाह उधर और उधरसे इधर, इमो तरह पुन: पुनः जाता पाता टापन्न होता है, वही रोगोके शरीर में चालित होता है। रहता है। प्रवाह जा कर फिर लोट पाता है। एक 5 बंटरका प्रवाहकातरफा नहीं होता : एक बार स्फ.लिङ्ग क्षणिक घटना है; उसका स्थितिकाल एक सेके- इस तरफ एक बार उम तरफ चलता है। प्रवाहको गड़का लक्षाधिक भाग मात्र । किन्तु उस क्षण भरके १क तरफा और अवच्छिन्न करने के लिए कि मी किसो । भोतर मौ लाख धक्के इधर उधर लग जाते हैं । बहुत बार डाइनामोमें विशेष विशेष कौशल हैं। ताड़ित प्रवाइके इतस्तत: स्पन्दन वा पान्दोलनका समः एक फेर वा कई फेर लपेटा हुआ तार चौबक प्रदेश- टिफल एक स्फ लिङ्ग है। एक स्फुलिङ्ग के दर्पणगत प्रति. में धुमानमे, उसमें काफी प्रवाह वा स्रोत उत्पन्न हो। बिम्बको दपंचक गमे पूर्ण न हारा विष्फारित करनेसे