पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/३९९

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तात. युवकोको वे अच्छे वेतन पर नियुक करके उन्हें काम | पर पापने एक छोटीमो पुस्तक भी लिखी, किन्तु उम मिखाते थे और फिर उनमेंसे पच्छ पादमियाँको चुन कर समय आपकी बात पर किमीने भो ध्यान न दिया । परन्तु उन्हें मिलका काम देते थे। इस तरह बहुतसे युवकों. हम ममय गवर्मेण्ट तक माता कम्ममोको नईके विषय में को पापको मिल में काम मिला करता था और बहुतसे पाल ( Authority ) मानती है। व्यवमाय सोख कर देशको समृद्धि वृद्धि करते थे। इस समय विलायतो जहानवालोंने बम्बई के माल ____ उक्त मिलको दश वर्ष तक चलाने के बाद, ताताने का भाड़ा बहुत ही ज्यादा कर दिया। मिलके मालि विचारा कि अब हम देशर्म अच्छी चीजों के बनानेका कोंको यह व्यवहार बहुत हो बुरा लगा. पर वे कुछ कर ममय पाया है, इसलिए ऐमो मशान मगानी चाहिए मम । पाखिर ताता जापान गये पौर वहांको जहाज- जिनसे खब महोन धोतो बन सके। इसके लिए पापन कम्पनौसे बन्दोवस्त कर पाये । बम्बई लौट कर पापने टूमरो मिल खोलनेका निश्चय किया । भाग्यमे उस समय तमाम मिल-वालोंका एक मगठन किया, जिसमें सबने 'धरममी मिल'का नीलाम हो रहा था, ताताने १२॥ जापानो जहाजमें माल भेजने के लिए भङ्गोकारपत्र लाख दे कर उसे खरोद लिया। 'धरममौ मिल' उस लिख दिया। विलायती कम्पनियाँ साताको कार्रवाई जमानमें सबसे बड़ो मिल थो। पचास लाख रुपये लगा देख कर मो उड़ाने लगी। कुछ दिन बाद उनको कर मिल फिरसे चलाई गई। लोगों ने ममझा ताताने माने विषादका रूप धारण किया सब जहानवानों- बहुत मस्ते दामों में मिल ले लो ; किन्तु वह उनका का राजगार मिट्टो हो गया। परिणाम यह हुआ कि कोरा भ्रम था। इस फिलमें ताता पूरे ठगाये गये थे। दोनों में प्रतिहन्दिता होने लगी। पहले जिम चीज का मिन के कल पूर्ब बिलकुन्न रहो थे, जिनकी मरम्मत कराते. महमून १३, कमे १८, २० तक था, उमका पत्र २, कराते दश वष बोत गये। दश वर्ष बाद मिन चाल क. यात्र रह गया। पो. एण्ड ओ० कम्पनाने हो हुई। इममें ताना पत्र अर्थ व्यय करना पड़ा था। रुपा महसूल कर दिया । दोनो दल में भीषण संग्राम परन्तु रुपयों को अपना ताता के धैर्य का हो अधिक वलन नया । साताने सबको समझाया कि " मावधान प्रयोजन था। 'धरम मिल' का फिर चलाना ताता रहना, लोभमें आ कर कोई अङ्गीकारपत्रको भङ्गन के जीवनको एक अक्षय कीर्ति है। आपके अध्यवमाय करना । याद रखना, जापानी कम्पनो यदि एक बार भी को देख कर लोग चकित हो गये । हमरा मिल वाला परास्त हो गई, तो फिर विलायतो कम्पनियों के फन्द में होता तो कभोका वेच कर छुट्टा करता। परन्तु ताता पड़ना पड़ेगा।" परन्तु मानता कोन था -लोभ बुरी बला घटनेवाले न थे । दश वर्ष को प्रक्लान्त चेष्टा के बाद उन्होंन थो । बहुतम व्यापारियोंन अङ्गीकारपत्रको गते तोड़ दो। असम्भव को सम्भव कर दिखाया। वही ट टी धरममो पर- विनायतो कम्पनियांको भी खूब शिक्षा मिन गरे। मिल अब लाभके रुपये घरमै लाने लगो। इस मिलका उन्होंने फिर भाड़ा बढ़ानका नाम भो न लिया, बल्कि आपने नाम रक्वा "स्वदेशो मिन्न"। अब भी "स्वदेगी पहलेसे कुछ कम हो रक्खा' मिल" अच्छो अवस्था में चल रही है। तातान अन्यान्य धनिकोंकी तरह धनको हो जोवन- ताताको दोनों मिलें अच्छी तरहसे चलने लगीं । पर का ध्र वतारा न बनाया था। उनके जोवनमें सुग्व वा तो भी उन्हें सन्तोष न हुआ। वे उन्नतिके नये नये विलासिताके लिए तनिक भो स्थान न था। तात्पर्य , मार्गाके आविष्कार करने में सर्वदा व्यस्त रहते थे। कि ताता धमका सद्व्यवहार करना जानते थे। आप उन्होंने देखा, भारतमें कपाम को खेतो जिस ढंगसे को अय द्वारा किस तरह देशका हित हो, मर्वदा इसो जाती है, वह अच्छी नहीं है। मिश्र पाप कपामको चिन्ता में रहते थे। साधारण मनुष्योंको तरस अापका खेतो देख पाये थे। पापने भोचा, भारत के लोग भो जोवन निरर्थक नहीं था। कुछ कामको कल्पना नो शिक्षाप्राप्त होने पर वैसा उपाय अवलम्बन करेंगे। म पापके मन में सर्वदा जाग्रत रहती थी और उन कामको