पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/४९४

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तालिकट-तालीवाघमोदक तालिकट -तालकट खो। ___नालिश ( सं० पु० ) तलतोति तल-गतो पश-णित् । इश: तालिका ( म स्त्री. ) तालिक स्त्रियां टाप । ( चपट, प्याप बडिस्यस्तलेस्तु णित् । उण १।३३९ । पर्वत, पहाड़। चपत, तमाचा । २ तालमृलो, म मलो। ३ मलिटा, सालो (म० स्त्री० ) तालिन सबिर्यासेन निता पण । १ मजोठ। ४ तान्ना, कुजो। ५ तालपत्र या कागजका । ताड़ी। सम्म-एयन्तात् पच डोष् । २ वृक्षभेद, एक प्रकार- पुनिंदा । ६ मुची, फिहरिस्त । का पेड़। ३ भूम्यामलको, भूविला। ४ तालमूनो, ताग्निकोट-बम्बई प्रदेशके पन्तर्गत बीजापुर जिले के मुद्दे ममलो । ५ अरहर । ई तानोशपत्राख्य वृक्ष, एक प्रकार- विहान उपविभागका एक प्रधान नगर । यह अता० का छोटा ताड़ जो बंगाल पर बग्मामें होता है। ७ १६२८ उ० और देशा० ७६१८ पू०में कनाड़गी नगरमे तालोहाटनयन्त्र, कंजो। ८ ताम्रवल्लोलता। ८ छन्दो- ६. मील उत्तर-पूर्व में अवस्थित है। १५६५ ई० को २५ भेट, एक वर्ण वृत्त। १० मेहरावके बोचोबीचका पत्या वीं जनवरीको रस नगरमे प्राय: ३० मीन दूर कृष्णा या ईट। नदीकै दाहिने किनारे विजयनगर के राजा रामराज और साली (हि.स्त्रो०) १ करतलध्वनि। २ छोटा तान्न, उनके तीन भाइयों के साथ निजान गाही, कुतुबशाही और तलैया। ३ पावके मध्य उंगलोका पोर । ४ चाबी। आदिलशाही राज्य के मुसलमानों का युद्ध हुआ था । इम तालोका (अ.पु.) १ मकानको र्को । २ वह फिहरिस्त युधमें बीजापुरका हिन्दु राज्य बिलकुल नष्ट हो गया . जो कुर्क किए हुए अमवाबके लिये बनाई जातो है। निजामशाहीने विजयी हो कर तालिकोट अधिकार किया। तालोपत्र ( म क्लो. ) तान्या इव पत्रमस्य । तानोशपत्र । महाराष्ट्र के अभ्य दयके ममय एम जगह बड़े बड़े मकान तालोम (प. स्त्रो०) शिक्षा, उपटेग। मन्दिर इत्यादि बनाये गये थे। तानीयक (म.पु.को.) करताल । तालित (म. ली.) ताडयते यत् नड़ णिच- उस्य नत्व। सालोश (सं. क्लो०) तालोव रोगान यति शो-ड । म्वनाम- १ वाघमाण्ड. एक प्रकार का बाजा। २ रञ्जित बम्ब ख्यात वृक्षविशेष । गंगा हुमा कपड़ा । ३ गुण, सम्मो, डोरो। तालीशपत्र (म० को. ) तालोशं गोगनाशक पत्र यस्य । ताम्लिन् (म० पु०) तनर्षिणा प्रोक्त प्रधीयते गौनकादि० भूम्यामलको, भूषविना। यह तमाल या तेजपत्ते को णिनि । १ तलोताय मा, वह जो तलऋषिका का प्रा जातिका होता है और हिमालय पर सिन्धमे मसलज ओर अध्ययन करता है। (त्रि०) तालो वाद्यत्वं नास्त्यस्य पनि। सिकिम तक बहुत होता है। एक मस्कत पर्याय- दत्तताल। २ (पु०) ३ शिव, महादेव। शुकोदर, धानोपन, अर्क वेध, करिपत्र, कग्च्छिद, नौल, "वैष्णवी पणवी ताली खली कालकट: कटः ।" नीलाम्बर, ताल, तालोपत्र, तमालय और तालोशपत्रक । (भारत अनु० १७ अ० ) इसका गुण-तिक्त, उषण, मधुर, कफ, वात, काम तामिव (प.पु.) वर जो अन्षण करता हो. सलाम हिका, क्षय, खाम और छर्दिदोष, गुल्म, पाम और करनेवाला। पम्निमान्द्यनाशक तथा लघु और अरुचिकर है । इमर्क तालिबली-बिलग्राम-वामी एक कवि। रम पक्षको पत्त तेजपत्त मे लम्ब होते हैं। इसको लकड़ी बहुत पन्होंने अनेक कविताएं रची है। ये १८०३ में विद्य- खरी होती है। मान थे। तासिवरल्म (पपु. ) विद्यार्थी, छात्र । तालीयपत्री ( स० स्त्री० ) तालीशपत्र । सासिंवशाह-हिन्दीके एक कवि। इनका जन्म १७६८ सालोगाद्यमोदक (सं० पु.) चक्रदत्तोक्त मोदक्रभेद, में और मृत्यु १८०० ई में हुई थी । इनकी कविता चक्रदत्तके मतानुसार एक प्रकारका मोदक। इसकी खड़ी बोसो मिचित है। प्रसतप्रणाली--सामोशपत्र १ तोला, मिर्च २ तोला, तालियामार (हिं० पु० ) पानो काटनेवाला जहाज या सोठ ३ तोला, पोपस ४ तोला, वंशलोचन ५ तोला, दार• नावका घमसा भाग। चौनो । (पाधा) सोबा, इलायचो ॥ (माथा) तोला,