पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/६६८

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पेट। पेड़। तुहिक-रातही कान्तलक, मंन्दियक्ष नन्दबमका गुच-कट तखिल (स.वि.) कि सिपाहिला . विणक, कषाय, मधुर, तिरस, संधु, धारक, शोतवार्य नाभि, जिसको नाभी निकालो दुई हो। २. मोबामा, शुक्रवईक तथा व्रण, कुष्ठ और रमपित्तनाशक। निकता एमा. पटवाला । ३ मुखर, बनावादो. मुंजोर । सुम्पिक ( म० पु. ) तुनि बाथै कन्। नन्दियक्ष, तुनका तुगलो (म.वि.) १. मुख्युला, मुहवासा । २ काका, चोचवाला । ३ थूथनवाला । (पु.) ४ गणेश । को) तड (# को तोड़ने पर । १ मुख, मुंह। (पु. ५ मि. टो। २ महादेव । ३ गक्षमविशेष, एक राक्षसका नाम। तुण्डोंगुहपाक (स'. पु०) एक रोग। इसमें कचों को ( भारत० २२८४१८) ४ एक दानव जो अत्यन्त बसमालो गुदा पक जातो और नाभि में पोड़ा होती है। था। यह पायुके पुत्र महष हारा माग गया था। (पु.) तुण्डोरमण्डम्स ( पु.) दक्षिण में एक देवका नाम । (को०) ५ , पाँच । ६ थ श्रम, निकला हुमा मुं। तुतकुड़ो Tuticorn)-समुदतोरवर्ती एक प्रसिन्दा ७ खनका पग्रभाग, तलवार का अगला हिस्सा। सनावौं शताब्दोके प्रारम्भमें पुतं गोजों ने यहां प्रथम गुणकरिता ( सी.) कार्पामो कपासका सच। पावास स्थान किया। १९५८९ में में से अपने अधि: तुण्ड मेरो (स. स्त्रो०) प्रशस्त तुण्डं प्रशसाया कन्। कारमें लाये । इमसे बाद प्रायः १७.०१में डेनमाकॉम तदोरवति वा ईर-मण स्त्रियां कोष । १ कर्णसो, यहां एक छोटा दुर्ग निर्माण किया। उस समय तिब.. कपास । २ विम्बिका, कुंदर। लोक समिति समुद्रसे मोनो, सोप और . मा म पर तुणकेशरी (म' पु०) मुखका एक रोग । इसमें ताल को करने के लिये सौ नाव रहा करतो यो। बडमें सजन होतो और दार-पीड़ा पादि उत्पन होतोस कार्यका भार उन्हों लोगों पर सौंपा गया था। उन लोगों का यह व्यवसाय बहुत दिनों तक चलता सहदेव (स.पु.) तुगारूपो देवः तुम होव्यात रहा.और इससे उन्हें यथेष्ट पाय होतो रहो। दिव पच । एक राजाका नाम। १७५२ में पंगरेजों ने तुक्कुड़ो पर अधिकार बुण्डि (म. प० ) तुण्हते निष्योऽयति सुण्ड-इन् । सर्व जमादा और १७८५९०में उन्होंने रमे फिर डेनमारों को चातुभ्य इन् । उण ४।११७ ॥ १ मुम्ब, मुं। २ पत्रु, मत्वप विया १७८५१०में चंगरेजों ने इसे पुनः अपने चोंच। ३ विम्बिका, विवाफल, कुदरू। बन्दा। अधिवा कर लिया। १८१८९• तक इसे पपने (श्री)माभि। पपिचारमा कर उन्होंने. फिर डेनमाकों को लौटा तुहिमा (स.बी.) हिरव तु गिड-स्वाथै कन् दिया। १८५२ में डेनमार्को ने इसे पुन: पंग- टाप । १ नाभि, टु डो। २ विमिका कुदरू। रजो को दे दिया। , पान तक यह गरेजो के प्रधि-. तुहिकरी (स• बो०) १ कार्पासो, कपास । २ विम्बिका, कारमें है । यात्री इसो बन्दरसे कन्नम्मो जाते है। इसके कुटरू। सके पर्याय-तुष्टि, रसाफम्स, विम्यो और किनारे पथिक जस न होने के कारण बड़े बड़े विश्विका ।३ कोटविशेष, एक कोड़ा। ४ तालू जहाज किमारके निकट नहीं पाते। टोम-शाच मत रोगविशष, मुखवा एक रोग। इसमें तालको हारा याविगव जहाजःपर चढ़ी। यहां कईएक नई जड़में सूजन होतो और दापोड़ा पादि उत्पन होतो पोर म तेको कलें । यह कई और मात गांठ में बधे स रोगमें शास्त्रकार्य सचित है। जानेके बाद विलायत भेजा जाता है। इस स्थानसे मार तुहियो ( स. मो०) विमिका, कंदक। . उपकूल पर मोतो सोप निकालनेका बन्दोवस्त किया गया शिम (स• त्रि०) तडिदा नाभिरस्व नन्दि भ तुझिइ. है। समुद्र किनारे बोच नामक एक संस्था है। सबमा ५ । २११४०। बहनाभि जिसको नाभि यहापाम, नारंगी पोर ..बोला-बादि अनेक प्रकार बोलो। . .. .. कल पाये जावयास तया- नाली