पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/६८२

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प्रधान के दो शिविरम हो मगदक सामने लाये गये। ! और महम्मटने मेलजकोको परास्त कर पितराय महार मिलोग कोबिलेविच नामवं सभियाके एक मेना- करनेके बाद, मुसा था पोर पामासियामें महम्मद पतिने मुरादके सामने माष्टाङ्ग दण्डवत कर उनका पद स्वाधीन भावमे राज्य करने सगे । किन्तु महम्मदसे तोन मुम्बनादि किया और पोछे हठात् कमरमे एक तेज छुरो बार पराम्त हो कर ईशा कारामानियाको भाग गये। निकाल कर उनको छातोमें भोंक दो । मुराद मिहामनसे इसके बाद उनका नाम मदा के लिये लुम हो गया। नोचे गिर पड़े और उसो समय मभि ग्रार्क राजा लाना- बयाजिद के मूसा नामक पोर एक पुत्र थे। वे महम्मदक रमने अपने सेनापतिका शिर छेद डान को पाना अधीन होनमे सुलेमान पर पाक्रम करने के लिये मह- दो । उनके सामने ही यह कार्य किया गया। मुगदके म्मदहारा भेजे गये। १४१० ई० में सुलेमान परास्त हुए मरने पर उनके बड़े लड़के बयाजिद राजा हुए और और रास्ते में उनका देहान्त हा । मुसा यूरोपमें तुकों के उन्होंने सर्भियाको अपने राज्य में मिला लिया। अधिपति इए। इस ममय मुमा भोर महम्मदमें लड़ाई (१३८८-१४०३ )-बयाजिद मराटके बड़े भड़के छिड़ो । करापू नदीके उत्पत्तिस्थान के समीप चाम रला थे। रनों ने प्रोसमान-लोमें मबसे पहले 'मुलतान की क्षेत्रमें १४१३ ई०को मूसा सम्प रूपसे पराजित हुए। उपाधि ग्रहण को। सिंडामन पर बैठने के साथ ही उनीने सुतरां महम्मद अब एकमात्र सुलतान हुए। पहले अपने छोटे भाई याकुबका मिर काट डालनेका (१४१३-१४२१)-कामे, गुणमें, शोय में, वोर्य में पादेश दिया। १३८१ में उन्होंने कनस्तासिनोपल पर सब तरहसे महम्मद (१म)-ने ग्याति लाभ का। चामू. पाक्रमण किया। इम ममय कईएक फ्रामोमी वोरोन रला क्षेवसे एशिया आकर उन्होंने मेलजुको को अपने नगरको रक्षा को। पोछे मात वर्ष तक घेरा डाला अपने राज्यांसे भगा दिया। १४२१ ई.में वे कनम्तान्ति गया । एशिया-माइनर में बयाजिदमे कारामानिया पौर नोपलमें सम्राट मानुअलसे जा मिले । यहाँ बहुत समारो. कीएक सेलजुक राज्य जय किये । इस समय घरिराज इसे सम्बाट ने उनका स्वागत किया। इसो वर्ष महम्मद मिगिस मन्दने वागण्डो-पति जन, नेभा काउण्ट और अपने पुत्र (२य ) मुरादको गन्ध सौंप कर परलोकको चुने १० फ्रांसोसो अखारोहो योबायोको सहायतामे चल बसे। बयाजिद पर धावा किया । १३८६ को निकिणेलिमें (१४२१-१४५१ )--१८वर्ष में महम्मदके तोसरे धममान लड़ाई हुई। युद्धमें बयाजिदको हो जोत हुई। पुत्र ( २य) इराद राज्यमि हासन पर बैठे। महम्मद मरे वर्षे उन्होंने ग्रोकटेश पर पाक्रमण किया, पोडे को मृत्यु के बाद हो मुस्ताफा नामक बयाजिदके एक हारि जोतनका संकल्प किया था किन्तु तेमूर के अभ्य. पुवने पा कर मिहामनका दावा किया। मुरादने दय होने पर उन्होंने एशियाका अधिकार बचाने के लिये भिनिशकं नौ-सेनापति अडरमोको महायतासे मुस्ताफाको यात्रा को। अन्तम १४०२ को पोराको लड़ाई में पराजय तथा विनष्ट किया। १४४२ई में हारोके वे तैमुरमे पराजित तथा बन्दो हुए । इसके मरे हो वर्ष राजाके साथ उनका युग छिड़ा । युद्ध में बहुतसो तरक- पिसिदिया के पाक शहरमें तातार शिविरमें उन्होंने प्राण- सेना निहत दुई। अन्तमें सन्धि हो जानेमे सब गड़बड़ो स्वाग किया। जातो रहो । मुराद शान्तिप्रिय थे । रोके साथ सन्धि (१४०३-१४१३)-पोराक युधके बाद तैमूरने हो जाने पर वे जामचर्चा के लिये पुव महम्मद अपर बारामानिया. अरदिन प्रभृतिक सेलजु राजकुमारों को राज्य भार सौंप कर पाप एशियाको चले गये। किन्तु पुनः पंतक राज्य में स्थापित किया। किन्तु वे पापसमें सन्धिपत्र पर हस्ताक्षर हो जाने के दर सलाह बाद मुराद- बाड़ने लगे। पधर प्रोसमानका सिंहासन लेकर सुलेमान, मेवा, कि सारोको सेना उनके राज्य पर धाक्रमण देशा पोर महम्मद रन तोन पुमि विवाद उपस्थित करनेको बारको है। उन्होंने बहुत जल्द समय पा कर पुपापन्समें सुलेमान यरोपमें स्वाधीन हुए। शाहरोके राजाको परास्त किया। इस यबमें हारो-