पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/६८६

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वर्ग के बोरव भोर कोशनसे इस बार भियाना उडार छिड़ो। बालताजो महम्मदके षड्यन्त्र में पावर पिटर-दि. हमा । पोग्नगर के राजा और बमरियाक राजामे अष्ट्रिया: प्रेट ससैन्य तहण्याके हाथमे कंद कर लिये गये, 'का माथ दे कर तुर्कोको मम्मी रूपमे पराजित किन्तु कसको रानो कारिनने प्रधान वजोरको रिशवत किया। कग मुम्ताफा रोको भाग गये। ६ हजार देकर षड़यन्त्रसे उतार किया। प्राजक नगर रूसियाको पुरुष, ११ हजार खो, १४ हजार बालिवा और ५. छोड़ देना पड़ा। १७१४ १०में मोरिया दखल किया बार बालक कोसदाम बना कर लाये गये। अष्ट्रियाको गया । १७१०१०में अष्ट्रियाक साय युद्धपारम्भ हुमा। सेनाने उनका पीछा किया था। ३ वर्ष युद्ध के बाद तुरुक तेमेश्वर अस्त्रिया अधिकारमें पा गया। इसके पोई दानियुच नदों के दूसरे किनारका ममम्त अधिकार छोड़ पारस्य के माथ युद्ध छिड़ा। यहमें उत्तर पारस्य अधिकार देनको वाध्य हुए। पीछे भिनिगो लोग नन लोगोंका साथ किया गया. किन्तु १८२६ में पुनः वह उनके हायमे दे तुरुष्कका समस्त ग्रोम राज्याधिकार हड़प गये। जाता रहा । इसो कारण जेनिसेरियाने विद्रोही हो कर जेनिसेरियोंने विद्रोहो हो कर सुलतानको पन्तःपुरमें राजाको राज्यसे युनकर दिया। इनके गजवकालमें कैद कर रक्खा। त रुष्कमें एक छापाखाना खोला गया था। (१८८७-८१)-उमके बाद उनके भाई हितोय (१७३० --५४)-उनके वाद २य मुसाफाके पुत्र सुलेमान राजा हुए। १म महमूद गजा हुए। इनके में नापतिने तानि न दखल ' (१८८१-८५ )-हितोय सुलेमानके दूसरे भाई किया। पारम-पति तमाम्य के माथ जो सन्धि दुई थो, हितोय पहमद गजा हए । अष्ट्रियाके राजाने पुनः बहुतमे उससे मोसमान लो मन्तुष्ट न हो कर पुन: विद्रोहो ही राज्य दखल कर लिये। भिनिधियों ने भी कियम पधिः गये। उधर लादि कुलोग्वाने पारम अधिकार कर सुरुष्क कार किया। मम्प र्ण राज्यमें प्रशान्ति फैल गई। के विपक्ष में पत्र धारण किया और हतोय अहमदने - (१६८५-१७०३)-चतुर्थ महम्मद के पुत्र हितोय जो सब राज्य जय किये थे, उन्हें फिर लौटा लिया। मुस्ताका उनके बाद राजगहो पर बैठे। इसके समयमें १७३७ में रूसियाके साथ तुरुको अनबन हो गयो बहुतसे भिनियो दमन शिये गये, किन्तु अष्ट्रियवामी और अष्ट्रियानि कसियाके माथ मिन्न कर तुरुको बल्कन पर्व सके निकट बहुत अधम मचाने लगे। १५८६ विरुह लड़ाई ठान दो। १७३८ ई. में अष्ट्रिया पराजित में रूसके राजा पिटर दि-टमे अष्ट्रियाको सहायतासे हो वालासिया, मर्भिया और बेलग्रेड तु नष्कको है भाजफ लोटा लिया । १५८८t में भिनियको सेना तुक देनमें वाध्य हुए। कसने मलदेविया अधिकार किया । से पराजित होने पर कार्योउरजको सन्धि हो। अन्त में पारम पोर परवर्क भोजाबियों के साथ युद्ध एमा। करिब योजकके उत्तरवर्ती समस्त योस तुरुकके हाथ १७५४ ई. में मम्राट को मृत्यु हुई। लगा। अष्ट्रियाने तेमम्वरको छोड़ कर पौर सारा हरी (१७५४-५७)-प्रथम महमूदके बाद उनके भाई दखल किया। मोसमान-लो अपने समस्त राज्यके हतोय भोसमान गजा हुए। बोजानसे उन्नत हो गये और १७०३०में उन्होंने बागी (१७५७-७३)---उमके बाद हतोय पहंमदक पुत्र होकर हितोय मुस्ताफाको राज्यधत किया। हतीय मुस्ताफा राज्यसिंहासन पर पारूढ़ हुए। इन्होंने (१७०३-२०)-हितोय मुस्ताफाके भाई हतोय रूसको रानो इमरी काग्निक विकह युष ठान दिया। बहमद रामा हए। उन्होंने विद्रोह दमन कर राज्यमें पोमगह को कसियाके हाथसे बचानक लिये यह युद्ध शान्ति स्थापन करनेको विशेष चेष्टा को । १५ वर्ष में हुआ था। इनक.जोत-जो यह लड़ाई ममाल नहीं हुई। उई १४ प्रधान वजीर बदलने पड़े। उनके राजस्व (१७७३---८८)-मके बाद हतोय परमदके वालमें खोयेनके राजा १२व चार्स ने तुरुक पा कर दूमर पुत्र प्रथम अबदुल हमीद (पा चतुर्थ अहमद) राजा पाचव लिया था। इस सूत्रसे कसियाके शव पवनड़ाई हुए। सियाक करएक युद्ध में अयलाभ.करने पर